69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, 16 दिसंबर अगली तारीख 📚⚖️
उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में कथित आरक्षण घोटाले को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें हुईं। 🏛️📄
सामान्य वर्ग की आपत्ति: आरक्षित वर्ग को दोहरा लाभ क्यों? ❓
सामान्य वर्ग की ओर से अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने कहा—
- आरक्षित वर्ग ने TET में उम्र, शुल्क और उत्तीर्णता अंक में छूट ली।
- वही छूट सहायक शिक्षक लिखित परीक्षा में भी ली जा रही है।
- यह दोहरे लाभ (Double Benefit) का मामला है, जो नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी ने कम कटऑफ का लाभ लिया है, तो बाद में उच्च अंक लाकर सामान्य वर्ग में समायोजित नहीं किया जा सकता।
सामान्य वर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें हाईकोर्ट में नहीं सुना गया, इसलिए मामला वापस हाईकोर्ट भेजा जाए।
आरक्षित वर्ग का जवाब: सामान्य वर्ग कोर्ट को गुमराह कर रहा है ⚖️🗣️
आरक्षित वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकट सुब्रमण्यम गिरी और निधेश गुप्ता ने कहा—
- सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी हाईकोर्ट की एकलपीठ व खंडपीठ में पक्षकार थे।
- उन्हें नोटिस मिला था, इसलिए गुमराह करने की कोशिश न करें।
उनका कहना था कि 2018 में निकली भर्ती में
बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का गंभीर उल्लंघन हुआ है,
जिसके चलते करीब 19,000 सीटों में गड़बड़ी हुई।
हाईकोर्ट की भूमिका: मेरिट लिस्ट पहले ही रद्द की जा चुकी थी 📝🚫
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 13 अगस्त 2024 को आरक्षण नियम में त्रुटियाँ पाते हुए
मेरिट लिस्ट रद्द कर दी थी। - राज्य सरकार ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए दोनों पक्षों से जवाब मांगा था।
EWS मुद्दा अलग किया गया 🙅♂️📑
सुनवाई के दौरान सामान्य वर्ग की ओर से EWS मुद्दा भी उठाया गया।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा—
“यह मामला लखनऊ हाईकोर्ट के आदेश पर आधारित है.
हमें सिर्फ इसी को सुनना है।
EWS मुद्दा इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।”
इसलिए EWS को अलग मामले के रूप में सुनने का फैसला किया गया।
अगली सुनवाई 16 दिसंबर को 🔔📅
सुप्रीम कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने के बाद
📌 मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को निर्धारित की है।
इस बहुप्रतीक्षित भर्ती को लेकर लाखों अभ्यर्थियों में उत्सुकता बनी हुई है। मामला अब अंतिम फैसले की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
