📰 सरकारी कलम | निपुण भारत मिशन को मजबूती: कक्षा 1–2 के बच्चों का सीखने का स्तर जाँचने के लिए दिसंबर से ‘निपुण विद्यालय आकलन’ शुरू
स्थान: लखनऊ | शिक्षा डेस्क
निपुण भारत मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। कक्षा 1 और 2 के बच्चों के सीखने के स्तर (Learning Level) का मूल्यांकन इस वर्ष भी डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से कराया जाएगा।
इस आकलन का मकसद है कि—
➡️ बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ को सही दिशा में विकसित किया जा सके।
➡️ कमजोर क्षेत्रों की पहचान करके समय रहते सुधार किया जा सके।
📌 कब होगा यह आकलन?
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से जारी पत्र के अनुसार:
- पहला चरण: दिसंबर 2024
- दूसरा चरण: फरवरी 2026
- डीएलएड प्रशिक्षु 4 दिसंबर से स्कूलों में जाकर बच्चों का मूल्यांकन शुरू करेंगे।
- सभी स्कूलों को आवश्यक दक्षताओं (Competency List) की सूची भेज दी गई है।
🎯 इस आकलन का उद्देश्य क्या है?
निपुण भारत मिशन के मुख्य लक्ष्य के अनुरूप यह आकलन बच्चों की निम्न क्षमताओं को जाँचने के लिए किया जा रहा है:
🔹 1. पढ़ने की क्षमता (Foundational Literacy)
- शब्द पहचान
- छोटे वाक्य पढ़ पाना
- कहानी/अनुच्छेद को समझना
🔹 2. लिखने की क्षमता (Writing Skills)
- वर्ण/शब्द लिखना
- सरल वाक्य बनाना
- साफ-सुथरी लिखावट
🔹 3. गणितीय क्षमताएँ (Foundational Numeracy)
- अंकों की पहचान
- जोड़–घटाव
- आकृतियों की समझ
- वस्तुओं की गिनती
👩🏫 क्यों चुने गए डीएलएड प्रशिक्षु?
डीएलएड प्रशिक्षु:
- बच्चों से जुड़ने में सहज होते हैं
- आकलन को निष्पक्ष और व्यवस्थित रूप से कर सकते हैं
- वास्तविक शिक्षण कौशल सीखते हैं
- स्कूलों का अतिरिक्त बोझ कम होता है
💡 सरकारी कलम की टिप्पणी
यह फैसला निपुण भारत मिशन को और गति देगा।
👉 शुरुआती कक्षाओं में सीखने की गुणवत्ता मजबूत होने से आगे की पढ़ाई स्वतः बेहतर होती है।
👉 डीएलएड प्रशिक्षुओं का उपयोग प्रशासनिक दृष्टि से भी समझदारी भरा कदम है।
इस आकलन से पता चलेगा कि
📌 बच्चे कहाँ मजबूत हैं
📌 कहाँ अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है
और उसी आधार पर शिक्षण-योजना तैयार की जाएगी।
हूँ।
