बाबरी ध्वंस की बरसी पर 32 कारों से चार शहरों में धमाके की थी साजिश, लाल किला ब्लास्ट ने खोली पोल 🚨 | बड़ी रिपोर्ट
नई दिल्ली। लाल किला धमाके की जांच में एक बड़ा और खतरनाक खुलासा सामने आया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सफेदपोश मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों ने 32 पुरानी गाड़ियों को विस्फोटकों से लैस कर दिल्ली, अयोध्या सहित चार बड़े शहरों को दहलाने की साजिश रची थी।
यह पूरी प्लानिंग 6 दिसंबर, यानी बाबरी ध्वंस की बरसी के दिन अंजाम दी जानी थी। इसे कोडनेम दिया गया था — “ऑपरेशन D-6”।
लाल किला धमाके में गंभीर रूप से घायल एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 13 हो चुका है। 💔
🔥 कैसे रची गई थी 32 कारों में धमाके की साजिश?
सूत्रों के अनुसार—
- शुरुआत में I-20 और ईको स्पोर्ट्स जैसी गाड़ियों में विस्फोटक फिट करने का काम शुरू किया गया।
- इसके बाद 32 पुरानी गाड़ियों को भी तैयार करने की योजना थी।
- आरोपियों ने 26 लाख रुपये नकद जुटाकर यह राशि डॉ. उमर को दी थी।
- एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें 8 से 12 नवंबर की तारीखों के साथ 25 लोगों के नाम दर्ज हैं।
- ज्यादातर नाम जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के बताए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क एक बेहद बड़े श्रृंखलाबद्ध (सीरियल) ब्लास्ट की तैयारी कर रहा था।
📍 चार शहरों को बनाया गया था निशाना
आठ संदिग्धों ने धमाकों को चार अलग-अलग शहरों में अंजाम देने की योजना बनाई थी:
- दिल्ली
- फरीदाबाद
- अयोध्या (संभावित)
- चौथे शहर की जानकारी खुफिया स्तर पर गोपनीय
हर लोकेशन पर दो-दो लोगों की टीमें तैयार की गई थीं, जिनके पास कई IED रखने थे ताकि एक ही समय पर धमाके किए जा सकें।
📱 सभी टीमें Signal ऐप के एक गुप्त ग्रुप से जुड़ी थीं।
🚗 लाल किले पर ब्लास्ट करने वाला वही था—डॉ. उमर
धमाके के बाद जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें ड्राइवर सीट पर फंसा पैर मिला था।
- इस पैर का डीएनए उमर की मां से मिलान किया गया
➡️ इससे पुष्टि हो गई कि डॉ. उमर ही कार चला रहा था और वही धमाके के समय गाड़ी में मौजूद था।
⚠ मुनाफे के लालच में बेचा अमोनियम नाइट्रेट
साजिश में इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटक के लिए—
- मॉड्यूल ने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल NPK उर्वरक खरीदा था।
- इस मिश्रण का उपयोग IED बनाने में किया जाता है।
- पुलिस ने पिनगवां के खाद व्यापारी डब्बू सिंगला को हिरासत में लिया है, जिसने तीन सौ किलो अमोनियम नाइट्रेट सप्लाई किया था।
➡️ बताया जा रहा है कि वह मुनाफे के लालच में यह सब कर बैठा।
🚨 दो और डॉक्टर पकड़े गए: डॉ. आरिफ और डॉ. फारुख
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने:
- कानपुर से → डॉ. आरिफ
- हापुड़ से → डॉ. फारुख अहमद डार
को हिरासत में लिया है।
डॉ. फारुख — अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट था
डॉ. आरिफ — जैश से जुड़ी महिला शाखा से संदिग्ध संपर्क के चलते पकड़ा गया
इन दोनों के खिलाफ सबूत डॉ. मुजम्मिल की पूछताछ में सामने आए।
🚓 अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक और संदिग्ध कार मिली
- कैंपस में संदिग्ध ब्रेज़ा कार (HR 87 U 9988) मिली
- यह डॉ. शाहीन सईद के नाम पंजीकृत है
- सिर्फ डेढ़ महीने में 35,500 किमी चल चुकी—जांच एजेंसियों का शक और गहरा
- बम निरोधक दस्ते ने वाहन की गहन जांच की
- जम्मू-कश्मीर पुलिस भी जांच में शामिल है
यह मामला देश की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर संदेश देता है।
लाल किले पर हुआ धमाका तो केवल एक शुरुआत थी—असली लक्ष्य था 6 दिसंबर को देश को चार तरफ से दहलाना।
📌 निष्कर्ष
जांच जारी है और लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
सरकारी कलम आपको इस मामले की हर अपडेट तेज़, सटीक और आसान भाषा में उपलब्ध कराता रहेगा।
🛑 सुरक्षा सर्वोपरि है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
