UP में शिक्षकों की Online Attendance व्यवस्था—लागू करने से पहले शिक्षकों ने रखी अपनी बड़ी मांगें 📢👩🏫
हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की तैयारी जोरों पर है। इसी सिलसिले में गुरुवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में विभाग ने नया Attendance Module प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार:
- प्रधानाध्यापक को स्कूल खुलने के एक घंटे के भीतर सभी शिक्षकों की उपस्थिति/अनुपस्थिति/अवकाश ऑनलाइन भरना होगा।
लेकिन शिक्षकों ने इस व्यवस्था के लागू होने से पहले कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं👇
👉 शिक्षकों की प्रमुख मांगें (Teacher-Friendly Demands)
1️⃣ 31 दिन का अवकाश (Earned + Half Casual Leave) कैलेंडर ईयर में दिया जाए
शिक्षकों ने साफ कहा कि जब उपस्थिति इतनी सख्ती से ली जाएगी तो अवकाश सुविधा भी स्पष्ट और पर्याप्त होनी चाहिए।
2️⃣ Posting अपने घर के पास — “Near Home Posting Policy”
शिक्षकों ने कहा कि:
- विकल्प लेकर उन्हें निवास के निकट विद्यालय में तैनाती दी जाए।
- दूसरे जिलों में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जनपद में समायोजित किया जाए।
3️⃣ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी Promotion Pay Scale
माध्यमिक विभाग की तर्ज पर बेसिक शिक्षकों को भी प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग रखी गई।
4️⃣ गैर-शैक्षिक कार्यों से 100% मुक्ति 📚
शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति तभी प्रभावी होगी जब उन्हें:
- सर्वे
- डोर-टू-डोर कैंपेन
- मतदाता सूची
- पोषण अभियान
जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त किया जाए।
16-सदस्यीय कमेटी गठित—8 शिक्षक शामिल 🙌
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पर ठोस निर्णय लेने के लिए ACS पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 16 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें:
- 8 सदस्य शिक्षक वर्ग से हैं
- ताकि निर्णय शिक्षक हितों को ध्यान में रखकर लिया जा सके।
सरकारी कलम का निष्कर्ष ✍️
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था तभी सफल होगी जब:
- शिक्षक सम्मानित महसूस करें
- अवकाश और पोस्टिंग में समान अधिकार मिले
- और उन्हें गैर-शैक्षिक बोझ से मुक्त किया जाए
शिक्षक बोझ नहीं, राष्ट्र का भविष्य बनाते हैं। इसलिए उनकी मांगें पूरी तरह यथोचित और आवश्यक हैं। 💯
