🏫 अब बदलेगा सरकारी स्कूलों का चेहरा! — 500+ छात्रों वाले विद्यालयों में सुविधाओं का होगा विस्तार
लखनऊ (सरकारी कलम) — प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब ऐसे सभी सरकारी स्कूल, जिनमें 500 से अधिक छात्र नामांकित हैं, वहाँ पर शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
🧱 स्टाफ रूम से लेकर ICT लैब तक — सब कुछ होगा आधुनिक
इन विद्यालयों में अब केवल ब्लैकबोर्ड और चारदीवारी नहीं, बल्कि एक संपूर्ण शिक्षण वातावरण तैयार किया जाएगा।
शामिल सुविधाएँ होंगी 👇
- 👩🏫 स्टाफ रूम — शिक्षकों के लिए आराम और शैक्षणिक तैयारी का स्थान
- 🏢 मल्टीपरपज हॉल — सभाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विज्ञान प्रदर्शनियों के लिए
- 🎯 क्लब रूम — सहशैक्षणिक गतिविधियों के लिए
- 💻 ICT लैब — तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन
- 🍛 मिड-डे मील शेड — स्वच्छ और व्यवस्थित भोजन वितरण
- 🚻 शौचालय — लड़के-लड़कियों के लिए अलग एवं स्वच्छ शौचालय
🌱 जमीन होगी तो मिलेगा विस्तार
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि जिन विद्यालयों में यह सुविधाएँ दी जानी हैं, वहाँ पर्याप्त भूमि उपलब्ध होना अनिवार्य है।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि 15 नवंबर तक ऐसे विद्यालयों के प्रस्ताव भेजें, जिनके पास ज़मीन की उपलब्धता और 500 से अधिक नामांकन है।
“हमारा उद्देश्य है कि बड़े परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रेरणादायक वातावरण मिल सके।”
— मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा
💰 वित्तीय वर्ष 2025 में बजट की व्यवस्था तय
इन सुविधाओं के लिए चालू वित्तीय वर्ष में ही आवश्यक बजट प्रावधान किया गया है।
इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बड़े विद्यालयों को फायदा होगा।
अब वे स्कूल जो अब तक सीमित संसाधनों में पढ़ाई करवा रहे थे, जल्द ही एक नए रूप में दिखेंगे —
👉 “डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित, स्वच्छ, प्रेरणादायक और आधुनिक।”
👧 सरकारी कलम की राय
✅ यह फैसला न केवल छात्रों के लिए राहत भरा है, बल्कि शिक्षकों के मनोबल को भी बढ़ाएगा।
✅ जब शिक्षक को पढ़ाने का सुकून और बच्चों को सीखने का माहौल मिलेगा, तभी ‘नया भारत’ का सपना साकार होगा।
✅ सरकार को चाहिए कि यह योजना कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर भी उतरे — ताकि हर बच्चा कह सके:
“मेरा स्कूल भी किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं!” 🎒✨
✍️ रिपोर्ट — सरकारी कलम टीम
📅 6 नवंबर 2025
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश
