⚖️ छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी मदरसा प्रबंधक की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की कार्रवाई — राज्य व विपक्षियों से तीन सप्ताह में मांगा जवाब 📑
📌 क्या है पूरा मामला?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ स्थित मदरसा रसीदिया इस्लामिक, इत्तेफाक नगर में कथित रूप से छात्रवृत्ति की
₹99,325 राशि के गबन से जुड़े मामले में आरोपी प्रबंधक मोहम्मद आमिर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर राज्य सरकार और विपक्षी पक्ष से
तीन सप्ताह में जवाब तलब किया गया है। ⚠️
⚖️ न्यायालय की टिप्पणी
यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने सुनाया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को ऐसे अपराध में फँसाया गया है
जिसमें उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध ही नहीं था। कोर्ट ने तर्कों पर विचार करते हुए गिरफ्तारी पर रोक का आदेश दिया। ✅
📚 बचाव पक्ष के तर्क
याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2010-11 की छात्रवृत्ति योजना में मोहम्मद आमिर को
प्रबंधक बताया गया, जबकि उस समय वे नाबालिग थे और किसी भी वित्तीय/दस्तावेज़ी उत्तरदायित्व में शामिल नहीं थे।
एफआईआर दर्ज करने से पहले उचित जांच तक नहीं की गई। 😮💨
आरटीआई द्वारा मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर 2024 में
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक (EOW) को सूचित किया कि
मदरसा रसीदिया इस्लामिक इत्तेफाक नगर, मेरठ को
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कोई फंड जारी ही नहीं किया गया।
साथ ही, याची विद्यालय की प्रबंध समिति में किसी भी पद पर कार्यरत नहीं थे।
🔔 आगे क्या?
अब न्यायालय अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा और यह तय करेगा कि
मामला रद्द किया जाए या इसे आगे बढ़ाया जाए।
अदालत का यह फैसला न केवल याची बल्कि ऐसे अन्य मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। ⚖️✨
