टीईटी विरोध: रामलीला मैदान में अब 5 दिसंबर को होगी महा‍रैली 📣

टीईटी विरोध: रामलीला मैदान में अब 5 दिसंबर को होगी महा‍रैली 📣

उत्तर-प्रदेश एवं कई राज्यों के प्राथमिक शिक्षक संगठनों की संयुक्त मुहिम — जमकर जनसंपर्क और दिल्ली में सशक्त प्रदर्शन की तैयारी।

क्यों है यह आयोजन जरूरी? 🤔

प्राथमिक स्तर के सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किये जाने के निर्णय के विरोध में नौ राज्यों के शिक्षक संगठनों ने मिलकर टीचर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (TFI) के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में महा‍रैली बुला रखी थी। अब यह महा‍रैली पुष्ट रूप से 5 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। ✊

पृष्ठभूमि — क्या हुआ पहले? 🗓️

नवंबर में होने वाली तैयारियों और जनसंपर्क अभियानों के तहत कई प्रदेशों में स्थानीय स्तर पर सक्रियता दिखाई गयी। पहले 21 नवंबर को आयोजित होने वाली एक महा‍रैली को दिल्ली सरकार द्वारा अनुमति न दिए जाने के कारण स्थगित करना पड़ा — जिसका हल निकालते हुए अब नई तारीख तय की गयी है।

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जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों के शिक्षक संघ इस आन्दोलन के साथ जुड़ चुके हैं — और उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान के शिक्षक संगठन भी समर्थन बनाये हुए हैं।

लखनऊ में अहम बैठक: 9 नवंबर को होगा समन्वय 🗣️

महा‍रैली की सफल तैयारी और राज्य स्तरीय समन्वय के लिए सभी जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों की बैठक 9 नवम्बर को लखनऊ में बुलायी गयी है। इस बैठक में ज़िलों से जुड़े जनसंपर्क के उपाय, रैली का संचालन और दिल्ली में एकजुट प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी।

नोट: यह बैठक महा‍रैली को प्रभावी बनाने के अंतिम चरण की तैयारी का हिस्सा है — इसलिए हर जिले से प्रतिनिधि भाग लेंगे।

मुख्य मांगें — क्या चाहते हैं शिक्षक? 📌

  • टीईटी से छूट — उन शिक्षकों के लिए जो 27 जुलाई 2011 से पहले नियु्क्त हुए थे।
  • नियुक्तियों की सुरक्षा — लाखों शिक्षकों की नौकरी-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र/राज्य स्तर पर ठोस पहल।
  • संघों का समन्वय — सभी राज्य शिक्षक संघों का मिलकर दिल्ली में आवाज उठाना।

नेताओं की आवाज़ — कुछ बातें ✍️

संघ के प्रदेश अध्यक्ष और टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि कई राज्य और शिक्षक संगठन पहले ही इस आन्दोलन में जुड़ चुके हैं और उनकी मांग है कि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए

“हमारा लक्ष्य निष्पक्षता और नौकरी की सुरक्षा है — इसके लिए सभी राज्य मिलकर दिल्ली में अपनी बात रखेंगे।” — डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा

क्या आगे होगा? — रास्ता आगे का रोडमैप 🛣️

5 दिसंबर — रामलीला मैदान (दिल्ली) : महा‍रैली में बड़े पैमाने पर जनसंपर्क, घोषणापत्र और सार्वजनिक समर्थन जुटाने की योजना है। उससे पहले 9 नवम्बर की लखनऊ बैठक में ज़िला नेतृत्वों को अंतिम निर्देश दिये जाएंगे। अगर दिल्ली और केंद्र सरकार से इस पर संतोषजनक संवाद नहीं हुआ तो संगठनों ने और भी व्यापक आन्दोलन की बात कही है।

आपका क्या योगदान हो सकता है? 🫱🏽‍🫲🏽

अगर आप शिक्षक, अभिभावक या नागरिक हैं और इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं — तो स्थानीय शिक्षक संघ से संपर्क करें, सोशल मीडिया पर हैशटैग साझा करें और 9 नवम्बर की लखनऊ बैठक/5 दिसंबर की रैली के बारे में जानकारी फैलाएं। छोटे-छोटे जनसंपर्क ही बड़े परिवर्तन की शुरुआत होते हैं। 🌱

सारांश: टीईटी अनिवार्य करने के निर्णय का विरोध जारी है — नौ राज्यों के शिक्षक संगठनों की भागीदारी और उत्तर प्रदेश के समन्वय के साथ महा‍रैली अब 5 दिसंबर को रामलीला मैदान में होगी। लखनऊ की 9 नवम्बर बैठक इस आयोजन की तैयारी का अहम पड़ाव है। 📌

टिप्पणी: यह समाचार प्राथमिक स्रोतों और राज्य/संगठन के बयानों के आधार पर संकलित किया गया है। अधिक हालिया अपडेट और विस्तृत निर्देशों के लिए संबंधित शिक्षक संगठन/जिलाध्यक्षों से संपर्क करें। 📬

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