इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने क्यूनेट ऑनलाइन बिजनेस फ्रॉड केस में आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की पीठ ने पारुल बुधराजा व अन्य की याचिका पर दिया।
मामला गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र का है।
शिकायतकर्ता शुभम अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने क्यूनेट नामक ऑनलाइन नेटवर्किंग बिजनेस के जरिये “यात्रा पैकेज और हेल्थ प्रोडक्ट में निवेश के नाम पर” उनसे ₹7.5 लाख की ठगी की।
एफआईआर में यह भी आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उनके परिवार के जाली हस्ताक्षर और फर्जी नोटरी मुहर लगाकर फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर एप्लीकेशन तैयार किया।
🔹 कोर्ट ने माना कि आरोप गंभीर हैं और जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
🔹 इसलिए गिरफ्तारी पर रोक देने से साफ इंकार कर दिया गया।
