🏫 ‘परख’ सर्वे में यूपी की शानदार छलांग — अब हर जिले का बनेगा रिपोर्ट कार्ड!
📅 लखनऊ:
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने अब राष्ट्रीय सर्वे “परख” में उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन को और बेहतर करने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्रालय के 2024-25 के सर्वे परिणामों के आधार पर अब हर जिले का अलग रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें उसकी अच्छाइयां, कमजोरियां और सुधार की संभावनाएं दर्ज होंगी।
🔹 क्या है ‘परख’ राष्ट्रीय सर्वे?
‘परख’ (PARAKH – Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development) एक राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वे है जो कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों के भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में सीखने के स्तर को परखता है।
यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू की गई एक प्रमुख पहल है।
📊 यूपी का प्रदर्शन देश से बेहतर
2024 के सर्वे में उत्तर प्रदेश ने बेहतरीन प्रदर्शन किया —
- 🧮 कक्षा 3: भाषा और गणित में राष्ट्रीय औसत से बेहतर
- 📘 कक्षा 6: भाषा में राष्ट्रीय औसत के बराबर
- 🧠 कक्षा 9: सुधार की संभावना, लेकिन प्रगति की दिशा स्पष्ट
👉 यूपी कक्षा 3 और 6 में राष्ट्रीय रैंकिंग के टॉप 10 राज्यों में शामिल रहा।
🧾 हर जिले को मिलेगा रिपोर्ट कार्ड
अब SCERT को केंद्र सरकार से सभी जिलों का विस्तृत डेटा और स्टेटस रिपोर्ट मिल गया है।
इसके आधार पर नवंबर में मंडल स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
डॉ. पवन सचान (संयुक्त निदेशक, SCERT) ने बताया —
“जिलों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर डायट प्राचार्य, एसआरजी और नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि अगली बार यूपी और आगे बढ़े।”
📚 शिक्षकों के लिए बनेगा विशेष मॉड्यूल
- SCERT चार पेज का “परख मॉड्यूल” तैयार कर रहा है।
- इसमें देश, प्रदेश और जिले के रिपोर्ट कार्ड की झलक होगी।
- हर तीन महीने में तैयारी बैठकें होंगी।
- अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों के उदाहरण भी साझा किए जाएंगे।
👩🏫 हर शिक्षक तक पहुंचेगी जानकारी
SCERT का लक्ष्य है कि हर जिले के हर शिक्षक को परख सर्वे की जानकारी दी जाए।
इसके लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे।
शिक्षकों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत जरूरत-आधारित ट्रेनिंग दी जाएगी।
📈 सर्वे में शामिल छात्र और स्कूल
- 👩🎓 2.53 लाख छात्र शामिल हुए
- 👨🏫 30,817 शिक्षक जुड़े
- 🏫 8,865 विद्यालयों ने भाग लिया
इनमें परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, निजी, मदरसे, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय और केंद्रीय विद्यालय शामिल थे।
💬 अगला कदम
SCERT अब अच्छे प्रदर्शन वाले जिलों और कमजोर जिलों के बीच “आपसी संवाद” कराएगा,
ताकि एक-दूसरे से सीख लेकर पूरे प्रदेश में शिक्षा स्तर सुधारा जा सके।
तीन महीने बाद इसकी पुनः समीक्षा बैठक की जाएगी।
✍️ निष्कर्ष:
‘परख सर्वे’ के ज़रिए अब यूपी की शिक्षा व्यवस्था डेटा आधारित और परिणामोन्मुख हो रही है। अगर यह कवायद सही दिशा में आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में यूपी देश के सबसे सशक्त शैक्षिक राज्यों में शामिल हो सकता है। 🌟
