🔹 आंदोलन की पृष्ठभूमि:
- यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी।
- अभ्यर्थियों का आरोप है कि आरक्षण के अनुपात में गड़बड़ी की गई, जिससे आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।
- हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 13 अगस्त 2024 को आरक्षित वर्ग के पक्ष में निर्णय दिया था और सरकार को नियुक्ति देने के आदेश दिए थे।
🔹 सरकार पर आरोप:
- अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही।
- 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, लेकिन अब तक 22 से अधिक तारीखें बीत जाने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
- वे मांग कर रहे हैं कि सरकार अनुभवी अधिवक्ता भेजे जो उनके पक्ष में प्रभावी पैरवी कर सके।
🔹 प्रदर्शन की स्थिति:
- अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया।
- इस दौरान पुलिस से झड़प हुई और प्रदर्शनकारियों को जबरन ईको गार्डन ले जाया गया।
- वहां अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि अगर 28 अक्टूबर की सुनवाई में सरकार ने ठोस पक्ष नहीं रखा तो वे सामूहिक आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
🔹 अन्य आरोप:
- अंबेडकरनगर सहित अन्य जिलों से आ रहे कई अभ्यर्थियों को रास्ते में पुलिस ने रोका।
- कुछ को फोन पर धमकी भी दी गई, जिससे कई लोग नहीं पहुंच पाए।
- आंदोलनकारियों ने कहा कि यह सब आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है।
