📰 कर्मचारी चयन आयोग (SSC) का बड़ा फैसला: अब परीक्षाएं होंगी और भी पारदर्शी — अभ्यर्थियों को मिलेगी पूरी पारदर्शिता का अधिकार!
✍️ By: सरकारी कलम टीम | www.sarkarikalam.com
🔍 पारदर्शिता की दिशा में SSC का ऐतिहासिक कदम
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े और अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। अब अभ्यर्थी न सिर्फ आयोग की उत्तर कुंजी (Answer Key) देख पाएंगे, बल्कि अपने दिए गए उत्तरों की कॉपी भी देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
यह फैसला लाखों प्रतियोगियों के लिए राहत भरी खबर है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे।
💰 अब आपत्ति दर्ज कराने पर आधी फीस
अब किसी भी प्रश्न या उसके उत्तर पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थी को पहले की तुलना में आधी फीस देनी होगी।
👉 पहले शुल्क ₹100 प्रति प्रश्न था
👉 अब केवल ₹50 प्रति प्रश्न देना होगा
यह बदलाव उन विद्यार्थियों के हित में है जो बार-बार उत्तर कुंजी में त्रुटियों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।
📄 अब प्रश्नपत्र भी देख सकेंगे अभ्यर्थी
SSC ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र देखने, उन्हें सुरक्षित रखने और समीक्षा करने की अनुमति भी दे दी है। यानी परीक्षा के बाद आप अपने पूरे पेपर का विश्लेषण कर सकेंगे, जिससे अगली परीक्षा की तैयारी और भी सटीक हो सकेगी।
समीक्षा करने के बाद अभ्यर्थी प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे — यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
🗓️ आने वाले 6 महीने होंगे बेहद अहम — 20 हजार से ज़्यादा पदों पर भर्ती
आयोग ने अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच लगभग 20,000 से अधिक पदों पर भर्ती परीक्षाओं की योजना तैयार कर ली है।
🔸 10,000 से अधिक पद दिल्ली पुलिस में होंगे, जिनकी आवेदन प्रक्रिया जारी है।
🔸 इसके अलावा निम्न परीक्षाएं आयोजित होंगी:
- संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर परीक्षा (CHSLE)
- मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS)
- जूनियर इंजीनियर (JE)
- दिल्ली पुलिस व CAPFs में कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और तकनीकी संवर्ग
🧩 पिछली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र होंगे सार्वजनिक
आयोग अब नियमित अंतराल पर पिछले चयनित प्रश्नपत्रों को आधिकारिक नमूना सेट के रूप में जारी करेगा।
इससे अभ्यर्थियों को प्रामाणिक अध्ययन सामग्री मिलेगी और भविष्य की परीक्षाओं के लिए तैयारी का सही दिशा-निर्देश प्राप्त होगा।
📞 अब सीधे रख सकेंगे अपनी बात — हेल्पलाइन और X हैंडल
अभ्यर्थियों की शिकायतों या सुझावों के समाधान के लिए आयोग ने कई आधुनिक माध्यम उपलब्ध कराए हैं:
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-309-3063
- ऑनलाइन फीडबैक पोर्टल
- आयोग का आधिकारिक X (Twitter) हैंडल, जहाँ प्रतियोगी अपनी बात सीधे रख सकेंगे।
🔒 पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधान
आयोग ने पेपर लीक और परीक्षा केंद्रों पर होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई सुरक्षा तकनीकों को अपनाया है।
इन प्रावधानों को संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL 2025) के टियर-1 में पहले ही लागू किया जा चुका है।
📅 इस परीक्षा से संबंधित प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया 15 अक्तूबर 2025 से शुरू होगी।
