निर्वाचन आयोग का नया फैसला: अब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही होगा ईवीएम का अंतिम दौर 🗳️
📍 नई दिल्ली।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व एकरूप बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने मतगणना नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) में दर्ज मतों की अंतिम से पहले वाली गिनती तभी शुरू होगी जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाएगी।
बिहार चुनाव में होगी नई व्यवस्था की शुरुआत
👉 यह नई व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव (नवंबर) में लागू की जाएगी।
👉 अब तक की व्यवस्था में डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हुए बिना भी ईवीएम की गिनती चलती रहती थी, जिससे कई बार डाक मतपत्रों की गणना पूरी होने से पहले ही ईवीएम की गिनती पूरी हो जाती थी।
क्यों बढ़ी डाक मतपत्रों की संख्या?
चुनाव आयोग के अनुसार, हाल ही में 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान की सुविधा दी गई है।
👉 इस वजह से डाक मतपत्रों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।
👉 ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गिनती की प्रक्रिया न केवल तेज बल्कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो।
आयोग के निर्देश
- जिन मतगणना केंद्रों पर डाक मतपत्रों की संख्या ज्यादा है, वहां पर्याप्त मेज और मतगणना कर्मचारी लगाए जाएं।
- ताकि डाक मतपत्रों की गिनती में किसी तरह की देरी न हो।
- यह कदम मतगणना प्रक्रिया को और विश्वसनीय और पारदर्शी बनाएगा।
✅ संक्षेप में:
- डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही ईवीएम का अंतिम राउंड शुरू होगा।
- नवंबर में होने वाले बिहार चुनाव से लागू होगी नई व्यवस्था।
- डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ने के चलते लिया गया निर्णय।
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान की सुविधा मिली।
यह बदलाव आयोग के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें हर मतदाता का वोट समान महत्व रखता है और मतगणना प्रक्रिया पर किसी भी तरह का संदेह न रहे। ✅
