📚 उत्तर प्रदेश में एनसीईआरटी की किताबें होंगी और रोचक – गणित में जुड़ेंगे वैदिक गणित के सूत्र
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा विकसित कक्षा 6, 7 और 8 की गणित व विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों को अब उत्तर प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य के अनुसार कस्टमाइज किया जा रहा है।
👉 शुरुआत कक्षा 7 की गणित की पुस्तक से हो चुकी है। इसमें न केवल कठिन भाषा को सरल बनाया जा रहा है, बल्कि छात्रों के लिए इसे रोचक और व्यावहारिक बनाने पर जोर है।
✍️ वैदिक गणित का समावेश
- पुस्तक में पहली बार वैदिक गणित की अवधारणाएँ और अभ्यास प्रश्न जोड़े जा रहे हैं।
- वैदिक गणित प्राचीन भारतीय ग्रंथों पर आधारित है और गणना को तेज व आसान बनाता है।
- इसमें सूत्र और उप-सूत्रों के जरिए अंकगणित, बीजगणित और ज्यामिति की समस्याओं का सरल हल संभव है।
- इसका अभ्यास छात्रों की स्मृति, एकाग्रता और गणना की गति को बढ़ाता है।
🧪 विज्ञान की किताब भी होगी प्रदेश के अनुकूल
गणित के साथ-साथ विज्ञान विषय की पुस्तक भी प्रदेश की आवश्यकता, पृष्ठभूमि और स्थानीय शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप बदली जा रही है।
- जटिल विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा।
- छात्रों को अपने आसपास के उदाहरणों से विज्ञान समझाने पर विशेष जोर होगा।
🎯 विशेषज्ञों की भूमिका
राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, लखनऊ में 26 सितंबर तक चलने वाले इस कस्टमाइजेशन कार्य में
- गणित और विज्ञान के प्रवक्ता
- विभिन्न विद्यालयों के विषय विशेषज्ञ
संयुक्त रूप से शामिल हैं।
संस्थान के गणित प्रवक्ता अरविंद कुमार गौतम का कहना है कि वैदिक गणित छात्रों के लिए न केवल उपयोगी होगा बल्कि उन्हें मानसिक रूप से अधिक सक्षम बनाएगा।
🌟 “सरकारी कलम” की राय
यह बदलाव छात्रों के लिए बड़ी राहत और अवसर दोनों लेकर आएगा। कठिन और भारी-भरकम किताबों की जगह अब ऐसी सामग्री मिलेगी जो आसान, स्थानीय और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी होगी। खासकर वैदिक गणित का समावेश छात्रों को तेज सोच और व्यावहारिक गणना का हुनर देगा।
👉 अब उत्तर प्रदेश के बच्चे न सिर्फ विज्ञान और गणित सीखेंगे, बल्कि भारतीय परंपरा के ज्ञान से भी जुड़ेंगे। यह कदम शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक, रोचक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर करेगा।
