☀️ समर कैंप पारिश्रमिक पर बड़ा अपडेट – शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को मिलेगी राहत
गर्मी की छुट्टियों में इस साल पहली बार प्रदेश के परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में समर कैंप आयोजित किए गए थे। परिषदीय स्कूलों में इन कैंपों की जिम्मेदारी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सौंपी गई थी।
लेकिन कैंप खत्म हुए लगभग तीन महीने होने को आ गए और अब तक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हुआ था। इसे लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों ने लगातार आवाज़ उठाई।
💰 अब आया पारिश्रमिक का रास्ता
- बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है।
- विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बजट जल्द ही जिलों को भेज दिया जाएगा।
- इसके बाद समर कैंप में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को निर्धारित मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
✍️ शिक्षकों की नाराज़गी
- कैंप के आयोजन के बाद से ही मानदेय न मिलने पर नाराज़गी थी।
- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने कहा कि वे बच्चों के साथ पूरी मेहनत से जुड़े, लेकिन भुगतान न मिलने से आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा।
- संगठनों ने सरकार से पारिश्रमिक जारी करने की मांग की थी।
🎤 सरकारी कलम की राय
सरकार द्वारा बजट स्वीकृति स्वागतयोग्य है, लेकिन सच्चाई यह है कि तीन महीने तक इंतजार कराना गलत परंपरा है।
👉 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को समय पर भुगतान न मिलना, उनके आत्मसम्मान और मनोबल को प्रभावित करता है।
सरकारी कलम का मानना है कि भविष्य में ऐसी योजनाओं में कार्यरत सभी कार्मिकों को समय पर मानदेय मिलना चाहिए।
