✍️ शिक्षा जगत की बड़ी खबर – शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, अब अनिवार्य होगी ऑनलाइन उपस्थिति
👉 मुख्यमंत्री की घोषणा
उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने का ऐलान किया है।
👉 कैसे होगा लाभ?
- ऑनलाइन उपस्थिति को सत्यापन का आधार बनाया जाएगा।
- इससे यह सुनिश्चित होगा कि सुविधा का लाभ केवल उन्हीं शिक्षकों-कर्मचारियों को मिले जो वास्तव में कार्यरत हैं।
👉 बोर्ड का निर्देश
- यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने तीन दिन पहले सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को पत्र भेजा।
- निर्देश दिया गया है कि प्रदेश भर के सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य रूप से अंकित कराई जाए।
- यह सिस्टम न केवल 2026 की परीक्षा की तैयारियों में काम आएगा, बल्कि भविष्य में कैशलेस चिकित्सा योजना से भी जोड़ा जाएगा।
👉 क्यों जरूरी है?
- पिछले वर्षों की परीक्षाओं में यह पाया गया कि वित्तविहीन विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों के नाम दर्ज थे।
- ऐसे फर्जी शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षाओं की ड्यूटी तक निभाते हुए पाए गए।
- ऑनलाइन उपस्थिति और अपडेटेड स्कूल प्रोफाइल से इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
👉 आगामी कदम
- विद्यालयों को कहा गया है कि अपने पूरे स्टाफ की उपस्थिति शुद्धता और प्रामाणिकता से दर्ज करें।
- जो शिक्षक या कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं, उनके नाम तुरंत पोर्टल से हटाए जाएं।
✅ यह कदम न केवल पारदर्शिता लाएगा बल्कि शिक्षकों-कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा भी उपलब्ध कराएगा।

