मदरसा, अटल व सर्वोदय विद्यालयों के शिक्षकों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज 🏥✨
प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के साथ अब मदरसा, अटल एवं सर्वोदय विद्यालयों के शिक्षक, कर्मचारी, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए भी कैशलेस इलाज सुविधा का लाभ ले सकेंगे। सरकार ने इसके लिए श्रम, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से विस्तृत ब्योरा मांगा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा — शिक्षा जगत को तोहफ़ा 🎁
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब इस दायरे को और विस्तारित करते हुए अन्य विभागों के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी शामिल किया जा रहा है।
नया कदम — किन विभागों को भेजा गया पत्र 📩
माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप सचिव संजय कुमार ने समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और श्रम विभाग को पत्र भेजकर इनके विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य कार्मिकों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसके लिए एक प्रारूप (format) भी जारी किया गया है।
किसको मिलेगा लाभ — आंकड़ों पर एक नज़र 📊
- समाज कल्याण विभाग: 1264 शिक्षक (एडेड विद्यालय)
- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग: 9889 शिक्षक व 8367 कर्मचारी
- श्रम विभाग: 55 शिक्षक, 261 कर्मचारी और 61 रसोइए
इन सभी को कैशलेस इलाज योजना में सीधे लाभार्थी के तौर पर जोड़ा जाएगा।
योजना का प्रभाव — कितने और होंगे लाभार्थी? 📈
अब तक इस योजना से करीब 11 लाख शिक्षक लाभान्वित हो रहे थे। लेकिन नए विभागों को शामिल किए जाने के बाद इस संख्या में काफी वृद्धि होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और सरकारी खर्च भी बढ़ेगा।
कैशलेस इलाज — क्यों है ज़रूरी? ❤️🩹
शिक्षक और कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। अक्सर स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक स्थितियों में उन्हें भारी खर्च उठाना पड़ता है। कैशलेस इलाज सुविधा से:
- आर्थिक बोझ कम होगा।
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक तत्काल पहुँच मिलेगी।
- शिक्षक और कर्मचारी निश्चिंत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
