संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान: 75 की उम्र में न खुद रिटायर होंगे, न किसी को कहेंगे 🇮🇳
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वे 75 वर्ष की उम्र में न तो खुद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं और न ही किसी को रिटायर होने के लिए कह रहे हैं।
क्या कहा मोहन भागवत ने?
संघ शताब्दी वर्ष के मौके पर विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा:
“मैंने कभी नहीं कहा कि मैं पद छोड़ दूंगा या किसी और को संन्यास ले लेना चाहिए। संघ स्वयंसेवक को कार्य सौंपता है, चाहे वे चाहें या न चाहें।”
काशी और मथुरा आंदोलन पर बयान
- भागवत ने कहा कि संघ काशी और मथुरा आंदोलनों को समर्थन नहीं करता।
- स्वयंसेवक अपनी इच्छा से इसमें भाग ले सकते हैं, लेकिन संघ आधिकारिक रूप से शामिल नहीं होगा।
- उन्होंने स्पष्ट कहा: “हर जगह मंदिर मत ढूंढो।”
आरक्षण को लेकर रुख
- भागवत ने दोहराया कि संघ आरक्षण व्यवस्था को सही मानता है।
- इस विषय पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हो चुका है।
संघ और भाजपा के रिश्तों पर क्या कहा?
- संघ प्रमुख ने कहा कि RSS भाजपा अध्यक्ष का चयन नहीं करता।
- “अगर हमें तय करना होता, तो इतना समय नहीं लगता।”
- उन्होंने कहा कि दोनों संगठन देशहित में काम कर रहे हैं, पर संघ केवल सलाह देता है, बाध्य नहीं करता।
महिलाओं की भूमिका पर विचार
भागवत ने कहा कि संघ में महिलाओं की प्रभावी भूमिका है।
- केवल शाखाएं अलग-अलग लगती हैं।
- महिलाएं संघ के कार्य में परस्पर पूरक भूमिका निभा रही हैं।
सरकारी कलम की राय
मोहन भागवत के इन बयानों से स्पष्ट है कि संघ अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता दिखाने की कोशिश कर रहा है।
75 वर्ष की उम्र को रिटायरमेंट की बाधा न मानकर उन्होंने अनुभव आधारित नेतृत्व को प्राथमिकता देने का संकेत दिया।
