यूडीआईएसई 2024-25 रिपोर्ट: रिटेंशन दर में सुधार, र 📊📚
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईएसई 2024-25 रिपोर्ट ने देश के स्कूली शिक्षा क्षेत्र के लिए कई सकारात्मक संकेत दिए हैं। सभी स्तरों पर बच्चों के स्कूल में बने रहने की दर (Retention Rate) में सुधार हुआ है और स्कूल छोड़ने की दर (Dropout Rate) में कमी दर्ज की गई है।
रिटेंशन दर में बढ़ोतरी
- फाउंडेशन स्तर: 98.9%
- प्रारंभिक स्तर: 92.4%
- मध्य स्तर: 82.8%
- माध्यमिक स्तर: 47.2%
यह दर्शाता है कि अधिक बच्चे अब स्कूल शिक्षा पूरी करने की ओर अग्रसर हैं।
ड्रॉपआउट दर में गिरावट
- प्रारंभिक स्तर: 2.3% की कमी
- मध्य स्तर: 3.5% की कमी
- माध्यमिक स्तर: 8.2% की कमी
ड्रॉपआउट दर में यह गिरावट शिक्षा तक निरंतर पहुंच और नीतिगत सुधारों का नतीजा मानी जा रही है।
ट्रांजिशन दर भी मजबूत
विभिन्न चरणों के बीच ट्रांजिशन दर में सुधार विद्यार्थियों के लिए सुचारू शैक्षिक प्रगति का संकेत देता है।
महिला शिक्षकों और लड़कियों के नामांकन में वृद्धि
- महिला शिक्षकों का प्रतिनिधित्व बढ़कर 54.2% हो गया।
- लड़कियों का नामांकन 48.3% तक पहुंचा।
समावेशी शिक्षा पर फोकस
- 54.9% स्कूलों में अब रैंप और रेलिंग जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
- इससे विकलांग छात्रों के लिए स्कूल तक आसान पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
शिक्षकों की संख्या का नया रिकॉर्ड
- 2022-23 में कुल शिक्षक: 94,83,294
- 2024-25 में कुल शिक्षक: 1,01,22,420
देश में पहली बार शिक्षकों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंची है।
सरकारी कलम की राय
यूडीआईएसई 2024-25 रिपोर्ट यह दर्शाती है कि देश की शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे सुधार के पथ पर है। रिटेंशन दर और ड्रॉपआउट में बदलाव से स्पष्ट है कि सरकारी योजनाएं स्कूलों में बच्चों की निरंतरता बढ़ाने में सफल हो रही हैं।
