एडेड माध्यमिक विद्यालयों के संचालन हेतु नया शासनादेश जारी 🏫
उत्तर प्रदेश सरकार ने एडेड माध्यमिक विद्यालयों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब ऐसे विद्यालय, जिनकी प्रबन्ध समिति, साधारण सभा या ट्रस्ट के कोई भी सदस्य जीवित नहीं हैं अथवा विगत पाँच वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय हैं, उनके संचालन हेतु नई व्यवस्था लागू होगी।
क्या है नई व्यवस्था?
- इन विद्यालयों का संचालन संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
- समिति किसी विभागीय अधिकारी (श्रेणी-2 स्तर से ऊपर) को प्रबन्धक नामित करेगी, जो समिति के प्रति उत्तरदायी होगा।
- प्रबन्धक का कार्यकाल अधिकतम पाँच वर्ष का होगा।
प्रबन्धक की जिम्मेदारियां
- विद्यालय की परिसम्पत्तियों की देखरेख।
- शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा संबंधी कार्यवाही:
- अवकाश अनुमोदन
- जीपीएफ एवं पेंशन मामलों का निस्तारण
- चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति
- अधियाचन के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया
- वेतन भुगतान की एकल संचालन व्यवस्था को बनाए रखना।
शासन का उद्देश्य
इस नई व्यवस्था से लंबे समय से अटके प्रबन्धकीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर लाभ और सेवाएं प्राप्त होंगी।
