ऑनलाइन गेम की लत ने सरकारी शिक्षक की जिंदगी बर्बाद कर दी – छह माह में गंवाए सवा करोड़ रुपये! 🎮💸
कूरेभार थाना क्षेत्र, श्रीरामपुर गांव:
ऑनलाइन गेमिंग की लत एक सरकारी शिक्षक के लिए बर्बादी का सबब बन गई। जूनियर हाईस्कूल बैठु में तैनात शिक्षक फूलचंद ने महज छह माह में लगभग ₹1.25 करोड़ रुपये ऑनलाइन गेम में गंवा दिए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें पुश्तैनी जमीन और प्लॉट तक बेचने पड़े, यहां तक कि उन्होंने अपनी सैलरी पर लोन भी ले लिया।
कैसे लगी लत?
फूलचंद सोशल मीडिया पर ‘एविएटर गेम’ का विज्ञापन देखकर इसकी ओर आकर्षित हुए।
- शुरुआत में उन्होंने ₹7 लाख लगाकर ₹8 लाख जीते।
- पहली सफलता पर परिवार ने भी खुश होकर उन्हें नहीं रोका।
- इसके बाद वे तेजी से इस जाल में फंसते चले गए।
छह माह में बर्बादी
- कुल निवेश: ₹1.25 करोड़ (सवा करोड़)
- स्रोत: पुश्तैनी जमीन, प्लॉट की बिक्री और लोन
- नतीजा: सारा पैसा डूब गया, परिवार कर्ज में डूबा
परिवार और पुलिस हरकत में
परिवार ने जब स्थिति बिगड़ती देखी, तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
क्यों खतरनाक हैं ऐसे ऑनलाइन गेम? ⚠️
- जीत का लालच देकर धीरे-धीरे व्यक्ति को कर्ज में डुबो देते हैं।
- बिना किसी गारंटी के पैसा लगाने का झांसा।
- मानसिक तनाव, आर्थिक बर्बादी और पारिवारिक कलह बढ़ाते हैं।
सरकारी कलम की राय ✍️
सरकार को चाहिए कि ऐसे जुए जैसे ऑनलाइन गेम पर सख्त प्रतिबंध लगाए और शिक्षकों सहित सभी नागरिकों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करे। यह सिर्फ एक शिक्षक की कहानी नहीं, बल्कि डिजिटल जुए के बढ़ते खतरे की चेतावनी है।
