शिक्षकों से साइबर फ्रॉड: शिक्षा विभाग के नाम पर ठगी का खेल

भोपाल में शिक्षकों से साइबर फ्रॉड: शिक्षा विभाग के नाम पर ठगी का खेल

भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षकों को निशाना बनाकर साइबर ठग फिर सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में दामखेड़ा प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका इंदु बंसोड़ और बंजारी स्कूल की शिक्षिका सीमा खले को एक मोबाइल नंबर (96160 79194) से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को राज्य शिक्षा केंद्र का अधिकारी ऋतिक शर्मा बताया और कैश बुक व कंटिंजेंसी राशि में गड़बड़ी बताकर ₹15,000 से ₹20,000 तक की ऑनलाइन मांग की।

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कैसे हुआ फ्रॉड?

  • कॉलर ने खुद को भारत सरकार व राज्य शिक्षा केंद्र का अधिकारी बताया।
  • धमकी दी कि कैश बुक में गड़बड़ी और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हुई है।
  • समस्या को रफा-दफा करने के लिए तुरंत ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहा
  • 25 से अधिक शिक्षकों को एक ही दिन कॉल किए गए।
  • किसी को “हमारे शिक्षक एप” की अटेंडेंस समस्या, किसी को शिकायत, किसी को अकाउंटिंग त्रुटि का बहाना बताया।

डेटा लीक की आशंका: पोर्टल 3.0 पर उठे सवाल

  • शिक्षा विभाग का नया एजुकेशन पोर्टल 3.0 सरकारी डोमेन (gov.in या nic.in) के बजाय निजी डोमेन (.in) पर चल रहा है।
  • सिक्योरिटी ऑडिट नहीं कराया गया, जिससे संवेदनशील डेटा जोखिम में है।
  • इस पोर्टल पर छात्रों और शिक्षकों की आधार, बैंक अकाउंट, ब्लड ग्रुप, उम्र, कद जैसी जानकारियां अपलोड हैं।
  • आशंका जताई जा रही है कि यही डेटा लीक होकर साइबर ठगों तक पहुंचा है।

विभाग का बयान

राज्य शिक्षा केंद्र के प्रवक्ता अमिताभ अनुरागी और अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने कहा:

  • विभाग की ओर से कभी भी पैसे मांगने वाली कॉल नहीं की जाती।
  • शिक्षक ऐसे कॉल आने पर पुलिस थाने में शिकायत करें और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें।
  • पोर्टल की सुरक्षा पर सवाल उठने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है।

शिक्षकों के लिए चेतावनी

  • किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें।
  • ऑनलाइन भुगतान या बैंक डिटेल कभी शेयर न करें।
  • संदिग्ध कॉल को सीधे साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) या पुलिस को रिपोर्ट करें।

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