पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 12 साल की सेवा के बाद पंचायत एवं प्रखंड शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन का अधिकार! 🏫✍️
बिहार के हजारों पंचायत एवं प्रखंड शिक्षकों के लिए पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। न्यायमूर्ति पुर्णेन्दु सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 12 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद शिक्षकों को स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक के पद पर पदोन्नति का अधिकार है।
क्या कहा हाईकोर्ट ने?
कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि तीन महीने के भीतर सभी पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जाए और प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी की जाए।
यह फैसला प्रकाश कुमार सहित 12 अन्य शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई के बाद आया। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि वे 2003 से 2007 के बीच नियुक्त हुए थे और आवश्यक योग्यता व प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद उन्हें लंबे समय से पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया।
कौन-कौन होंगे लाभान्वित?
इस फैसले से बिहार के हजारों पंचायत और प्रखंड शिक्षक लाभान्वित होंगे, जो वर्षों से समयबद्ध पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे।
मुख्य बिंदु:
- 12 साल की सेवा के बाद शिक्षकों को प्रमोशन का अधिकार।
- तीन महीने में वरिष्ठता सूची तैयार करने का आदेश।
- समान कार्य करने वालों में भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन।
- बिहार पंचायती राज प्रारंभिक शिक्षक सेवा नियमावली 2012 और 2020 दोनों में समयबद्ध पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान।
शिक्षकों में खुशी की लहर!
इस आदेश के बाद शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षक अब अपनी वरिष्ठता के आधार पर उच्च पद पर पदोन्नति पा सकेंगे।
सरकारी कलम की राय ✍️
राज्य सरकार को चाहिए कि इस आदेश को जल्द से जल्द लागू करे और शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करे। शिक्षक समाज का मेरुदंड हैं, और उनके साथ न्याय होगा तो शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
