यूजीसी का बड़ा फैसला: मनोविज्ञान, न्यूट्रिशन और बायोटेक्नोलॉजी समेत कई कोर्स अब ऑनलाइन या डिस्टेंस से नहीं पढ़ाए जाएंगे! 🎓🚫
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। अब मनोविज्ञान, न्यूट्रिशन, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फूड साइंस और क्लिनिकल डाइटेटिक्स जैसे कोर्स ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन मोड से नहीं पढ़ाए जाएंगे। यह नियम जुलाई–अगस्त 2025 सत्र से लागू होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यूजीसी ने यह निर्णय नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन (NCAHP) अधिनियम, 2021 के तहत लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि प्रोफेशनल और हेल्थकेयर से जुड़े कोर्स की गुणवत्ता से समझौता न हो।
अप्रैल 2025 में हुई दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो कार्य समूह की बैठक में इसकी सिफारिश की गई थी, जिसे हालिया यूजीसी बैठक में मंजूरी दे दी गई।
किन कोर्स पर लगेगी रोक?
- मनोविज्ञान
- न्यूट्रिशन
- बायोटेक्नोलॉजी
- माइक्रोबायोलॉजी
- फूड साइंस
- क्लिनिकल डाइटेटिक्स
यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने बताया कि इन कोर्स पर पहले से दी गई मान्यता भी वापस ले ली जाएगी।
अगर किसी प्रोग्राम में कई स्पेशलाइजेशन हैं, तो केवल वही हटाए जाएंगे जो NCAHP अधिनियम के दायरे में आते हैं। उदाहरण के लिए, बीए (अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान आदि) जैसे बहु-विशेषज्ञता वाले कोर्स में सिर्फ मनोविज्ञान को हटाया जाएगा, बाकी सब यथावत रहेंगे।
पहले ही इंजीनियरिंग और मेडिकल पर लगी थी रोक
यूजीसी पहले ही इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आर्किटेक्चर, होटल मैनेजमेंट और लॉ जैसे प्रोफेशनल कोर्स को ऑनलाइन/डिस्टेंस मोड से पढ़ाने पर रोक लगा चुका है।
नए दाखिले नहीं होंगे
यूजीसी ने साफ किया है कि अब कोई भी संस्थान इन कोर्स में नए दाखिले नहीं करेगा।
इस फैसले का असर किस पर पड़ेगा?
- छात्रों पर: जो छात्र घर बैठे इन कोर्स को ऑनलाइन/डिस्टेंस मोड में करने की सोच रहे थे, उन्हें अब रेगुलर मोड में एडमिशन लेना होगा।
- कॉलेजों पर: जो संस्थान अब तक इन कोर्स को ऑनलाइन/ODL मोड से चला रहे थे, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
