नैनी: कोचिंग में न पढ़ने पर छात्रा को प्रताड़ित करने का आरोप, डिप्रेशन में पहुंची 12वीं की छात्रा 😔📚
नैनी कोतवाली क्षेत्र के सरगम के पास स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के एक शिक्षक ने अपनी निजी कोचिंग में न पढ़ने पर छात्रा को बार-बार अपमानित किया और डराया, जिससे वह गहरे डिप्रेशन में चली गई।
कैसे हुआ खुलासा?
- पीड़ित छात्रा मूल रूप से मांडा के महेवा कला की रहने वाली है।
- छात्रा के पिता जनरेटर मिस्त्री हैं और परिवार औद्योगिक क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहता है।
- छात्रा ने 21 अगस्त को अचानक बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- 22 अगस्त को परिजनों को असलियत पता चली, जब डॉक्टर ने छात्रा से बातचीत की।
क्या है आरोप?
छात्रा ने बताया कि स्कूल का शिक्षक अपनी कोचिंग में पढ़ने वाले और ऑनलाइन कोचिंग करने वाले बच्चों में भेदभाव करता है।
- ऑनलाइन कोचिंग करने वाले बच्चों को पूरी कक्षा में नीचा दिखाया जाता।
- कहा जाता: “देखते हैं कैसे पास होते हो।”
- इसी मानसिक दबाव ने छात्रा को अवसाद की स्थिति में ला दिया।
परिजनों का दर्द और स्कूल की चुप्पी
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्तमान में छात्रा का इलाज और काउंसलिंग दोनों चल रहे हैं, लेकिन हालत अभी नाजुक बनी हुई है।
छात्रा के पिता ने बताया:
“फिलहाल बेटी के इलाज में जुटा हूं। उसके ठीक होते ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगा।”
क्या कहता है यह मामला?
- यह घटना शिक्षा जगत पर बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या निजी स्कूलों में कोचिंग के दबाव ने छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है?
- मानसिक प्रताड़ना के चलते बच्चों में डिप्रेशन और तनाव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
