यूपी के राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू – 300 पदों पर स्थायी नियुक्ति की तैयारी 🎓
लंबे समय से अटकी हुई प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति प्रक्रिया अब फिर से शुरू होने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन की मंजूरी के बाद इसे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को भेजा जाएगा।
पहले चरण में 300 स्थायी नियुक्तियां
- कुल राजकीय विद्यालय: 2,441
- हाईस्कूल: 1,486
- इंटर कॉलेज: 955
- रिक्त प्रधानाचार्य पद: 462 (इंटर कॉलेजों में कार्यवाहक प्रधानाचार्य कार्यरत)
- पहले चरण में करीब 300 पदों पर स्थायी प्रधानाचार्यों की नियुक्ति होगी।
पदोन्नति और भर्ती के नियम
- प्रधानाचार्य पद के 50% पद सीधी भर्ती से और 50% पद पदोन्नति से भरे जाते हैं।
- 2018 से पदोन्नति प्रक्रिया ठप थी, अब इसे पुनः शुरू किया जा रहा है।
- इस बार केवल वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी, जबकि बीईओ के लिए अलग प्रक्रिया चलाई जाएगी।
नई नियमावली: आरक्षण और कोटा विभाजन
- पुरुष शिक्षकों के लिए 33% पद आरक्षित।
- महिला शिक्षकों के लिए 33% पद आरक्षित।
- बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) कोटा: 34%।
पहले शिक्षकों को पदोन्नति कोटे में 83% अवसर मिलता था, लेकिन नई नियमावली से यह घटकर 66% रह गया है।
शिक्षकों का विरोध
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भड़ाना ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि:
- शिक्षकों का कोटा कम कर दिया गया है।
- बीईओ को अधिक हिस्सा दिए जाने से वरिष्ठ शिक्षकों के अवसर घट गए हैं।
आगे क्या?
शासन की मंजूरी के बाद प्रक्रिया UPPSC के माध्यम से संचालित होगी, जिससे लंबे समय से खाली पड़े पदों पर स्थायी प्रधानाचार्य मिल सकेंगे।
