📰 TET पास शिक्षकों का प्रमोशन: अदालत का आदेश सरकार की नींद उड़ाएगा
✍️ By सरकारी कलम referance हिमांशु rana
सरकार यह सब देखेगी, तो उसे सोचना ही पड़ेगा कि TET पास शिक्षकों का प्रमोशन किया जाए। यही बात हमारी याचिका Writ A 523/2024 (Himanshu Rana & Ors. Vs Union of India & Ors.) में भी स्पष्ट रूप से कही गई है — कि Eligible Candidates यानी TET उत्तीर्ण शिक्षकों को प्रमोशन का अवसर दिया जाए।
📜 वरिष्ठता समझने का आधार: बेसिक शिक्षा नियमावली का Section 22
प्रमोशन और पदस्थापन की असली कुंजी Section 22 में छुपी है।
- इसमें न केवल वरिष्ठता की परिभाषा दी गई है,
- बल्कि ट्रांसफर के बाद डिमोशन तक की व्यवस्था लिखी हुई है।
यानी, अगर आप ट्रांसफर लेते हैं, तो पद कम भी हो सकता है — और यह पूरी प्रक्रिया नियमावली में साफ़-साफ़ दर्ज है।
⚖️ मौजूदा आदेश: विभाग के लिए सिरदर्द
ताज़ा आदेश ने विभागीय अधिकारियों को मुश्किल में डाल दिया है।
अब सरकार चाहे या न चाहे — अगर वेतन देना है, तो आदेश का पालन करना ही होगा।
लेकिन ध्यान रहे, यह वेतन सिर्फ़ उन्हीं इंचार्ज शिक्षकों को मिलेगा जो:
- सीनियर हों
- सहायक अध्यापक के पद पर कम से कम 5 साल का अनुभव रखते हों
- न्यूनतम योग्यता TET भी पूरी करते हों
🎯 PTR का खेल खत्म
अब सरकार का PTR (Pupil Teacher Ratio) मैनेज करने का प्लान उलट गया है।
- पहले सरकार सोच रही थी कि हेड की पोस्ट खत्म करके खर्चा बचा लिया जाएगा।
- लेकिन अब चाहे विद्यालय में 150 नामांकन हों या न हों — हेड रखो या हेड के बराबर वेतन दो, यह करना ही होगा।
🛑 सरकार की ‘बचत योजना’ पर ब्रेक
सरकार की सोच थी कि हेड मास्टर की पोस्ट खत्म कर देंगे और सालाना करोड़ों बचा लेंगे।
लेकिन कोर्ट के इस आदेश के बाद यह बचत योजना धरी की धरी रह गई।
अब सरकार को योग्य और अनुभवी TET पास शिक्षकों को उनका हक देना ही पड़ेगा।
💬 निष्कर्ष:
यह फैसला न केवल शिक्षकों के हक में है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में योग्यता और अनुभव को सम्मान देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। अब गेंद सरकार के पाले में है — देखना होगा कि वो इस आदेश को लागू करने में कितनी तेजी दिखाती है।
