📰 राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता भर्ती: अब सिर्फ B.Ed धारकों की चलेगी!
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) अब राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती की तैयारियों में जुट गया है। दिसंबर 2020 के बाद पहली बार यह भर्ती हो रही है, और इस बार नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है।
🎯 क्या है नया नियम?
पहले प्रवक्ता पद के लिए सिर्फ परास्नातक (PG) डिग्री ही जरूरी थी, लेकिन अब PG के साथ-साथ B.Ed डिग्री अनिवार्य कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि जिनके पास सिर्फ PG डिग्री है, वे अब इस भर्ती से बाहर हो जाएंगे।
📉 स्पर्धा होगी कम, बीएड धारकों को फायदा
इस बदलाव के चलते प्रतियोगिता में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि लाखों PG धारक एक झटके में इस दौड़ से बाहर हो जाएंगे, जिससे केवल B.Ed धारकों के लिए दरवाज़े खुलेंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं और दोनों डिग्रियां रखते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर बन सकता है।
📌 अब तक क्या हुआ?
- आयोग को करीब 1500 पदों का अधियाचन प्राप्त हो चुका है।
- भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाएगा।
- पिछली बार दिसंबर 2020 में यह भर्ती निकली थी।
- पांच साल से अभ्यर्थी इस भर्ती का इंतज़ार कर रहे थे।
🚫 PG धारकों का सपना अधूरा
नई नियमावली से लाखों PG डिग्रीधारकों को ज़बरदस्त झटका लगा है। पिछली भर्ती में जहां PG डिग्री से ही काम चल जाता था, अब वैसी संभावना नहीं रही। आयोग के इस निर्णय ने बिना B.Ed वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
📣 क्या करें अब PG धारक?
जो अभ्यर्थी सिर्फ PG डिग्री रखते हैं, उन्हें अब या तो B.Ed करने की ओर बढ़ना होगा या फिर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तरफ रुख करना पड़ेगा।
🔍 सारांश में:
UPPSC की नई नियमावली ने एक ओर जहां B.Ed धारकों के लिए रास्ता साफ कर दिया है, वहीं PG धारकों के लिए दरवाज़े बंद कर दिए हैं। यह फैसला प्रतियोगिता को सीमित जरूर करेगा, लेकिन चयन प्रक्रिया को अधिक व्यावसायिक और प्रशिक्षित शिक्षकों की ओर भी ले जाएगा।
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