⚖️ ईडी ने सारी हदें पार कीं: सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी 🔍

⚖️ ईडी ने सारी हदें पार कीं: सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी 🔍

कानूनी सलाह देने वाले वकीलों को समन भेजने पर शीर्ष अदालत ने जताई गहरी चिंता

🚨 क्या है मामला?

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेशेवर कानूनी सलाह देने वाले वकीलों को समन भेजने के मामले में
सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि ईडी ने सारी हदें पार कर दी हैं और इस पर स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार होने चाहिए।

👩‍⚖️ सीजेआई की सख्त टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा के साथ मिलकर
वकीलों को समन भेजने की ईडी की कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा:

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“वकील और मुवक्किल के बीच संवाद को कैसे विश्लेषण किया जा सकता है? क्या पेशेवर सलाह देने वालों को अपराधी मान लेना ठीक है?”

🧑‍⚖️ वरिष्ठ अधिवक्ता और याचिका

सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आर. वेंकटरमणि द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने ईडी द्वारा
वकीलों को समन भेजने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की कि इससे कई ईमानदार पेशेवरों पर
गलत प्रभाव पड़ सकता है।

🗣️ एएसजी ने क्या कहा?

एएसजी (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) ने ईडी का पक्ष रखते हुए कहा कि कुछ वकीलों द्वारा घोटालों में शामिल आरोपियों को
मदद दी जा रही है। ऐसे मामलों में ईडी समन भेजती है, जिससे सबूत जुटाए जा सकें।

📺 मीडिया की भूमिका पर टिप्पणी

कोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर भी नाखुशी जताई। कहा कि मीडिया केवल एक पक्ष दिखाता है जिससे जनता की राय प्रभावित होती है
सीजेआई ने स्पष्ट किया कि:

“हमारे फैसले किसी भी मीडिया खबर या दबाव से प्रभावित नहीं होते। हम केवल कानून और संविधान के अनुसार निर्णय लेते हैं।”

🧭 अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जल्द ही इस मुद्दे पर दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे ताकि वकीलों और पेशेवरों को अनावश्यक
समन से बचाया जा सके। यह फैसला आने वाले समय में ईडी जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है।

📌 निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी लोकतंत्र में वकीलों और न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए एक
मील का पत्थर साबित हो सकती है।

📣 क्या आप इस फैसले से सहमत हैं? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं!

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