📚 स्कूलों के विलय के बाद शिक्षकों को मिलेगा एक और समायोजन का अवसर, जल्द होगी सूची जारी
लखनऊ।
प्रदेश में कम नामांकन वाले 10,827 परिषदीय विद्यालयों के विलय के बाद अब सरप्लस शिक्षकों को राहत मिलने वाली है। बेसिक शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि जल्द ही कम शिक्षक वाले विद्यालयों में समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जहां अभी भी शिक्षकों की आवश्यकता है।
🔍 क्या है नया कदम?
- स्कूल विलय के बाद अब प्रदेश में विद्यालयों का नया शिक्षक-छात्र अनुपात बना है।
- कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जहां बच्चों की संख्या के अनुसार शिक्षक कम हैं, जबकि कुछ में अपेक्षा से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं।
- ऐसे में अब विभाग सरप्लस (अधिशेष) शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है, ताकि उन्हें जरूरत वाले स्कूलों में तैनात किया जा सके।
📝 डाटा परीक्षण अंतिम चरण में
बेसिक शिक्षा परिषद और राज्य परियोजना निदेशालय के स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया के लिए डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। जिलावार विश्लेषण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस स्कूल में कितने शिक्षक भेजे जाएंगे।
📌 जिले के अंदर ही होगा समायोजन
- इस बार का समायोजन केवल जिलों के अंदर ही किया जाएगा।
- पहले ही गर्मी की छुट्टियों में अंतरजिला तबादले और जिले के भीतर समायोजन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- यह नया अवसर उन शिक्षकों के लिए होगा, जो पिछली बार समायोजन प्रक्रिया से छूट गए थे।
📣 शिक्षकों को मिलेगी एक और राहत की उम्मीद
यह समायोजन प्रक्रिया न सिर्फ विद्यालयों में संतुलन बनाएगी, बल्कि उन शिक्षकों के लिए भी राहत लाएगी जो अब तक उचित तैनाती का इंतज़ार कर रहे थे।
🗣️ “हम पूरी पारदर्शिता से प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे हैं। शिक्षकों की संतुलित तैनाती से शिक्षण गुणवत्ता भी बेहतर होगी।”
— बेसिक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी
📅 क्या करें शिक्षक?
- विभागीय पोर्टल या BSA कार्यालय से नियमित जानकारी प्राप्त करें।
- जब सूची जारी हो, तो समय रहते आवश्यक दस्तावेज़ों और विकल्पों के साथ समायोजन प्रक्रिया में भाग लें।
