📢 अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: “भाजपा ने शिक्षा को बर्बाद किया, स्कूल बंद कर रही है गरीबों की उम्मीदें”
✍️ सरकारी कलम रिपोर्ट | 3 जुलाई 2025
🔴 यूपी में सरकारी स्कूलों के मर्जर पर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा विरोधी नीतियों को लेकर जोरदार हमला बोला है।
🗣️ अखिलेश यादव ने क्या कहा?
🧒🏻 “भाजपा सरकार का 10,000 से अधिक प्राथमिक स्कूलों को बंद करने का फैसला सीधे तौर पर गरीबों और बच्चों के भविष्य को तबाह करने वाला है। भाजपा की मंशा गरीबों को शिक्षा से वंचित करने की है।”
🔻 अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि—
- भाजपा सरकार अपने प्रचार में अरबों रुपये खर्च कर रही है,
लेकिन सरकारी स्कूलों के संचालन के लिए उसके पास बजट नहीं है। - यह एक साजिश है, ताकि गरीब और विशेष रूप से बालिकाएं शिक्षा से बाहर हो जाएं।
- भाजपा एजेंडे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार कभी रहा ही नहीं है।
🎯 क्या है पूरा विवाद?
📌 उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्र संख्या कम होने के आधार पर 10,827 से ज्यादा स्कूलों को बंद कर पास के विद्यालयों में मर्ज करने की नीति शुरू की है।
📌 ग्रामीण क्षेत्रों से खबरें आई हैं कि बच्चों को 2-3 किमी दूर के स्कूलों में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे कई बच्चों ने स्कूल जाना ही छोड़ दिया।
📌 सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मुद्दे पर संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) के उल्लंघन के सवाल पर सुनवाई करने की सहमति दी है।
👧🏻 बालिकाओं की शिक्षा पर सबसे बड़ा खतरा
🔸 विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि—
- लड़कियों को दूर-दराज़ के स्कूलों में भेजना ग्रामीण समाज में बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।
- इससे बाल विवाह, ड्रॉपआउट रेट और शिक्षा में असमानता जैसे गंभीर सामाजिक प्रभाव सामने आ सकते हैं।
🏫 सरकारी कलम की राय:
“स्कूल बंद करने से पहले सरकार को यह सोचना होगा कि हर बच्चा, खासकर ग्रामीण बालिकाएं, सुरक्षित और सुलभ शिक्षा कैसे पा सकें। केवल संसाधनों के नाम पर सामाजिक हक छीना नहीं जा सकता।”
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