📚 विद्यालय बंद न करें! छात्रों और शिक्षकों की आवाज़ 🧑🏫
दिनांक: 11 जुलाई 2015
संदर्भ संख्या: MPK/775
सांसद: श्री पुष्पेन्द्र सरोज
निर्वाचन क्षेत्र: 50-कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश
संपर्क: 42, प्रीतम नगर, सुलेम सराय, प्रयागराज – 211011
ईमेल: pushpendrasaroj02@gmail.com
मोबाइल: 7526058277
📌 विषय: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद न किया जाए
माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित एक पत्र में, श्री पुष्पेन्द्र सरोज, लोकसभा सांसद (कौशाम्बी), ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के खिलाफ आवाज उठाई है जिसमें 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों और 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
🚸 क्यों है यह निर्णय छात्रों के हित में नहीं?
इस निर्णय से विद्यालयों की दूरी छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए अधिक हो जाएगी, जिससे शिक्षा की पहुंच बाधित होगी। साथ ही, हज़ारों प्रधानाध्यापकों के पद और रसोइयों की सेवाएं भी समाप्त हो जाएंगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष चिंता का विषय है।
📝 शिक्षकों और छात्र संगठनों की अपील
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद कौशाम्बी ने यह प्रार्थना पत्र सांसद को सौंपा, जिसमें उन्होंने निर्णय की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा का स्तर प्रभावित होगा और गांवों में शिक्षा का अधिकार कमजोर होगा।
🙏 सांसद की प्रधानमंत्री से अपील
श्री सरोज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि इस आदेश पर पुनर्विचार किया जाए और विद्यालयों को बंद न करने का निर्णय लिया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और शिक्षकों की सेवाएं सुरक्षित रह सकें।
“नौनिहालों की शिक्षा है देश का भविष्य – इसे कमजोर न होने दें!”
✍️ सादर,
भवदीय
(पुष्पेन्द्र सरोज)
सांसद, लोकसभा – कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश

