अहमदाबाद हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट का सार
12 जून, 2025 को अहमदाबाद से लंदन की ओर उड़ान भरने के क्षणों बाद एयर इंडिया की Boeing 787‑8 (AI‑171) क्रैश करके मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में जा प्रति‑घात हुई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) के अनुसार, ब्लैक बॉक्स डेटा ने एक चौंकाने वाला तथ्य उजागर किया – घटना के महज 3 सेकंड बाद ही दोनों इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच “RUN” से “CUTOFF” की स्थिति में चले गए (AP News)।
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे पायलट से पूछते सुनाई देता है, “तुमने फ्यूल क्यों कट कर दिया?” जबकि दूसरा जवाब देता है, “मैंने नहीं किया” । स्विच को फिर से “RUN” पर वापस तो कर दिया गया, लेकिन विमान नीचे गिर चुका था और ऊँचाई हासिल नहीं कर सका ।
क्या संभावना है – मानवीय गलती या तकनीकी दोष?
- डिज़ाइनबद्ध सुरक्षा व्यवस्था: Boeing 787 में स्विच के गलती से मूव होने को रोकने हेतु लॉकिंग मैकेनिज्म होता है – इसे इरादतन ही ऊपर उठाना पड़ता है ।
- तकनीकी खराबी की संभावना कम: फ़िलहाल स्विच में कोई तकनीकी दोष सामने नहीं आया है, और FAA ने 2018 में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसे अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया गया था (The Indian Express)।
- यूटिलिटी बनाम प्रक्रिया: शुरुआती रिपोर्ट में स्पष्ट है कि अगर यह दुर्घटना तकनीकी कारण से होती, तो इंजन रीस्टार्ट के प्रयास काम आने की संभावना थी, लेकिन दोनों स्विच ने तुरंत ईंधन आपूर्ति बंद कर दी ।
तत्काल प्रभाव और आगे की कार्रवाई का मार्ग
- पूरे बेड़े की त्वरित जांच
भारतीय नागर विमानन प्राधिकरण (DGCA) ने Boeing 787‑8 Dreamliner बेड़े पर विशेष निरीक्षण का आदेश दिया है, विशेषकर फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म का इतिहास ध्यान में रखते हुए (AP News)। - बेहतर चार्टर और प्रक्रियाएँ
जांच एजेंसियों को सुझाव देना चाहिए कि उन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाए जिनसे पायलट स्विच को गलती से या असावधानी से मूव कर सकें—जो इमरजेंसी में लोड-शेडिंड इंपैक्ट कर सकता है। - पायलट ट्रेनिंग का पुनः मूल्यांकन
कॉकपिट वॉइस डेटा में स्पष्ट संकट एवं भ्रम देखा गया। इसलिए SOP में फेरबदल कर कॉकपिट टीम को ऐसी घटनाओं के लिए उत्कृष्ट κατάσταση में प्रशिक्षित करना चाहिए। - अनिवार्य संशोधन या बलोकेज
एयरलाइन और विमान निर्माता Boeing को FAA/ICAO के एडवाइजरी को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश देने चाहिए ताकि लॉकिंग बनी रहे और गलती की गुंजाइश न हो।
निष्कर्ष: एक सीख, एक कर्तव्य
- सुरक्षा सर्वोपरि: यह दुर्घटना हमें याद दिलाती है कि विमान सुरक्षा में तकनीक और मानव प्रणाली दोनों एक-दूसरे पर निर्भर करती हैं।
- पायलट ट्रेनिंग: तकनीकी ज्ञान मात्र पर्याप्त नहीं, बल्कि संकट प्रबंधन में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता भी जरूरी है।
- सार्वजनिक और विमानन समुदाय के लिए जिम्मेदारी: जांच रिपोर्टों का सार्वजनिक रूप से प्रकाशन और निष्पक्ष विश्लेषण सभी हितधारकों का अधिकार है।
