🧪 नए सत्र में 3,288 स्कूलों में बनेगी “Learning-by-Doing” लैब – किताबों से बाहर निकलें बच्चे! 🚀
📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
🗓️ लागू सत्र: 2025-26
आगामी सत्र से कक्षा 6-8 के विद्यार्थियों को हाथ-on अनुभव दिलाने के लिए
“लर्निंग बाई डूइंग” (प्रयोग करके सीखना) लैब 3,288 और स्कूलों में स्थापित की जाएगी।
इन प्रयोगशालाओं में बच्चे सिर्फ सिद्धांत नहीं, बल्कि लकड़ी🪵, धातु🔩, उर्जा⚡, पर्यावरण🌱,
कृषि🚜, बागवानी🍅, स्वास्थ्य🩺 व पोषण🥗 जैसे विषयों पर वास्तविक प्रैक्टिकल करेंगे।
🎯 क्यों खास है “Learning-by-Doing”?
- 📚 किताबी ज्ञान ➡️ कौशल ज्ञान – सिद्धांत को जीवंत अनुभव में बदलना।
- 🛠️ उपयोगी हुनर – बढ़ईगीरी, बेसिक मैकेनिक्स, बागवानी आदि में प्रैक्टिकल दक्षता।
- 💡 स्टेम + लाइफ स्किल्स – विज्ञान, टेक, इंजीनियरिंग, गणित के साथ रोज़गारपरक हुनर।
- 🤝 स्किल इंडिया मिशन से प्रत्यक्ष कनेक्ट – विद्यार्थी होंगे Industry-Ready।
⚖️ सरकार का विज़न: “पढ़ाई + रोज़गार”
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने बताया कि
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संकल्प का हिस्सा है
जिसमें शिक्षा को रोज़गारपरक, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी बनाना है।
“बच्चे हुनरमंद और स्वावलंबी बनें, यही हमारा लक्ष्य है।”
🔧 लैब में छात्र क्या-क्या सीखेंगे?
- Wood & Metal Work: छोटे-छोटे मापक, लैम्प, मॉडल बनाना।
- Renewable Energy: सोलर-कुकर्स, पवन-चक्की के मॉडल तैयार करना।
- Environment Care: कम्पोस्ट-पिट, रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग डेमो।
- Agriculture & Horticulture: किचन-गार्डन, ड्रिप-इरिगेशन प्रैक्टिस।
- Health & Nutrition: संतुलित आहार प्लेट, फर्स्ट-एड किट असेंबली।
🌟 उम्मीदें और संभावनाएँ
इस पहल से न केवल विद्यार्थी हुनरमंद होंगे,
बल्कि उत्तर प्रदेश स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से
आत्मनिर्भर प्रदेश की दिशा में तेज़ी से अग्रसर होगा।
रोज़गार, इनोवेशन और स्टार्ट-अप की नई राहें खुलेंगी। 🚀
📢 अभिभावकों और शिक्षकों के लिए संदेश
🧑🏫 शिक्षक – प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग प्लान तैयार रखें।
👨👩👧👦 अभिभावक – बच्चों को प्रयोग करने और गलतियाँ
सुधारने के लिए Encourage करें।
📝 छात्र – जिज्ञासु रहें; “हाथ गंदे किए बिना ज्ञान नहीं चमकता!”
