📚 शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन: विद्यालयों के विलय के खिलाफ तेज हुआ आंदोलन
स्थान: लखनऊ | तिथि: 8 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले, शिक्षकों ने शिक्षा भवन के नीचे धरना प्रदर्शन कर
सरकार के फैसले के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद की।
🔁 सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया
राज्य सरकार द्वारा छात्र संख्या कम होने पर प्राथमिक विद्यालयों के आपस में विलय (Merger) का निर्णय
लिया गया है। इस फैसले को लेकर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय
बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल सकता है।
शिक्षक नेता अशफाक खुरशीद मोहिन ने कहा कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई प्रभावित होगी और
गरीब बच्चों की शिक्षा तक पहुँच और भी कठिन हो जाएगी।
📣 आम आदमी पार्टी ने भी किया समर्थन
आम आदमी पार्टी ने भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि
सरकार संख्यात्मक डेटा के आधार पर शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव कर रही है, जो बच्चों के
शैक्षणिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने नारे लगाए: “विद्यालय बचाओ – बच्चों का भविष्य बचाओ”।
📌 शिक्षक संघ की मांगें
- विद्यालयों के विलय का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए
- छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम चलाए जाएं
- ग्राम्य क्षेत्रों में शिक्षा का आधार मजबूत किया जाए
🔚 निष्कर्ष
प्राथमिक विद्यालयों के विलय को लेकर शिक्षकों और विभिन्न संगठनों में गहरा असंतोष है।
यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग नहीं, बल्कि संरक्षण की पुकार है।
आने वाले दिनों में अगर सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
