✈️ अहमदाबाद विमान हादसा: डॉक्टर बनने का सपना लेकर बैठे छात्र हादसे के शिकार, हॉस्टल में तबाही, कई की मौत की आशंका
अहमदाबाद, 12 जून 2025 — गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर हुए भयावह विमान हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। यह हादसा तब हुआ जब एक एयर इंडिया का विमान तकनीकी खराबी के चलते नियंत्रण खो बैठा और सीधे जाकर बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। हादसे के समय हॉस्टल की मेस में 150 से 200 छात्र दोपहर का भोजन कर रहे थे।
😢 सपनों पर टूटा कहर: “मेरा डॉक्टर बनने का सपना वहीं खत्म हो गया”
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और घायल एक छात्र ने रोते हुए कहा:
“हम अपने भविष्य के लिए डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन हमें नहीं पता था कि आज खुद अपनी जान बचाना मुश्किल हो जाएगा।”
छात्रों की थालियों में अधूरा भोजन, टूटी टेबलें और मलबे में बिखरा हॉस्टल का जीवन — यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया।
🧑⚕️ कई छात्र घायल, कुछ की हालत नाजुक
- रोहन बागड़े, एक मेडिकल इंटर्न, ने बताया कि वह हादसे से कुछ मिनट पहले ही मेस से खाना खाकर निकले थे।
- कई छात्र दूसरी और तीसरी मंजिल से कूदकर जान बचाते देखे गए।
- सरकारी अस्पताल पहुंची एक महिला रमीला ने बताया कि उसका बेटा हॉस्टल की दूसरी मंजिल से कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
🔥 हॉस्टल की इमारत पर गिरते ही धमाका, फिर आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान का लगभग आधा हिस्सा हॉस्टल की इमारत पर गिरा। जोरदार धमाके के साथ भीषण आग लग गई, जिससे पूरी इमारत धुएं से भर गई।
डॉ. केयुर प्रजापति ने बताया कि उन्होंने एक 27 वर्षीय छात्रा को बाहर निकाला, जो बुरी तरह जल चुकी थी और उसने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
🏥 मरीज नहीं, खुद बने थे मरीज
एक रेज़िडेंट डॉक्टर आयुष ने बताया कि मेस में हर तरफ अफरातफरी मच गई थी। “मेरे कई मित्र और जूनियर गंभीर रूप से घायल हैं और ICU में भर्ती हैं,” उन्होंने कहा।
🚑 अस्पताल में मंजर दिल दहलाने वाला
- मरीजों से भरे अस्पताल में हर ओर जख्मी छात्र,
- चिंतित माता-पिता,
- और सिर पर पट्टियों व ऑक्सीजन मास्क पहने युवा डॉक्टर, जो खुद मरीज बन गए।
🛩️ हादसे से जुड़े मुख्य बिंदु:

📣 जाँच के आदेश, शोक की लहर
राज्य सरकार और DGCA ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
यह हादसा न सिर्फ एक तकनीकी विफलता की त्रासदी है, बल्कि उन सपनों का भी अंत है जो भारत के भविष्य को चिकित्सा के क्षेत्र में मजबूत करने जा रहे थे।
