बीएड की अनिवार्यता से बढ़ी पाठ्यक्रम की मांग: इविवि में इसी सत्र से होगी शुरुआत

बीएड की अनिवार्यता से बढ़ी पाठ्यक्रम की मांग: इविवि में इसी सत्र से होगी शुरुआत

प्रयागराज !

राजकीय और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती के लिए बीएड की डिग्री अनिवार्य किए जाने के बाद से बीए-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने एक बड़ा कदम उठाया है।

इविवि सत्र 2025-26 से चार वर्षीय बीए-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम की शुरुआत कर रहा है। इस पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 50 सीटों पर प्रवेश की मंजूरी दे दी है।

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ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज भी करेगा शुरुआत

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज ने भी इस दिशा में पहल करते हुए सत्र 2026-27 से बीए-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। कॉलेज ने 120 सीटों के दो बैच की अनुमति हेतु इविवि प्रशासन को प्रस्ताव भेजा है। इविवि से हरी झंडी मिलने के बाद यह प्रस्ताव एनसीटीई को भेजा जाएगा।

एनसीटीई द्वारा स्थलीय निरीक्षण के पश्चात ही पाठ्यक्रम को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इससे यह स्पष्ट है कि अगले कुछ वर्षों में इस पाठ्यक्रम की उपलब्धता और पहुंच काफी विस्तृत हो जाएगी।

प्रवक्ता भर्ती की पात्रता में बड़ा बदलाव

अब तक प्रवक्ता बनने के लिए केवल परास्नातक (पीजी) डिग्री ही पर्याप्त थी, लेकिन नई नियमावली लागू होने के बाद अब बीएड डिग्री भी अनिवार्य कर दी गई है।

इस परिवर्तन से जहां एक ओर गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है, वहीं दूसरी ओर केवल पीजी डिग्रीधारी लाखों अभ्यर्थियों को इस निर्णय से झटका लगा है। इस बदलाव के विरोध के स्वर भी सुनाई दे रहे हैं।

प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता

अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) यानी इंटीग्रेटेड बीए-बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (NCET) के माध्यम से होगा।

उम्मीदवारों को इविवि और ITEP द्वारा जारी किए गए सूचना बुलेटिन में वर्णित पात्रता मानदंड को भी पूरा करना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य और प्रतिबद्ध उम्मीदवार ही इस शिक्षण कार्यक्रम में प्रवेश पाएंगे।

शिक्षा क्षेत्र में यह परिवर्तन न केवल अध्यापकों की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को भी सशक्त बनाएगा।

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