चयन आयोग के बाहर डटे अभ्यर्थी, प्राथमिक शिक्षक भर्ती पर अड़े
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर डीएलएड प्रशिक्षु अभ्यर्थियों ने शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया। शुक्रवार को यह प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया जब आयोग की ओर से वार्ता के लिए बुलाए जाने पर भी अभ्यर्थियों ने बातचीत से इनकार कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पिछले सात वर्षों से शिक्षक भर्ती रुकी हुई है और सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2017 के बाद कोई नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
📢 अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
• तुरंत नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती की घोषणा की जाए।
• डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए।
• लंबित भर्तियों के लिए एक स्पष्ट टाइमलाइन घोषित की जाए।
• पात्रता परीक्षा व मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो।
🗣 वार्ता का प्रस्ताव ठुकराया
शिक्षा चयन आयोग ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पहल की लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे और “भर्ती की तारीख घोषित करो” जैसे नारे लगाते हुए धरना स्थल पर डटे रहे। स्थिति को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भर्ती की ठोस घोषणा नहीं की जाती, वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना जारी रखेंगे।
👨🎓 हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
उत्तर प्रदेश में 16 हजार से अधिक डीएलएड प्रशिक्षु योग्य उम्मीदवार हैं जो शिक्षक बनने की पात्रता रखते हैं, लेकिन वर्षों से वे नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर भी अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब ज़ोर पकड़ चुका है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की है कि शिक्षा को राजनीति से दूर रखकर योग्य उम्मीदवारों को नौकरी दी जाए।
📌 निष्कर्ष
प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदेशभर में बढ़ती बेचैनी अब सड़कों पर दिखने लगी है। यदि सरकार ने जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
