प्रदेश में जल्द बनेगा आउटसोर्स कर्मचारी निगम! 🏢✨
आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम ₹18,000 मानदेय 💰
प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक विशेष निगम के गठन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। अब बस कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। ✅
क्या होगा खास इस निगम में? 🧐
➡️ न्यूनतम ₹18,000 मानदेय देने का प्रस्ताव तैयार।
➡️ वर्तमान में सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से दिया जाने वाला मानदेय, अब निगम के माध्यम से देने की उठ रही मांग।
➡️ शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए निगम का गठन हो रहा है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उठाई आवाज 🗣️
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष श्री जेएन तिवारी ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को एजेंसी से हटाकर सीधे निगम से कराने की मांग दोहराई।
परिषद की महामंत्री श्रीमती अरुणा शुक्ला ने बताया कि श्री संजय प्रसाद ने इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया है।
निगम के गठन से होंगे ये फायदे ✅
- एजेंसियों के शोषण से राहत
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- निश्चित मानदेय और समय पर भुगतान
आशा की किरण ☀️
सरकार के वित्त, कार्मिक और न्याय विभाग ने पहले से लागू व्यवस्था को बनाए रखने का प्रस्ताव भी रखा है। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थिरता और सुरक्षा की उम्मीद बढ़ गई है।
सरकार का यह कदम हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में नया उजाला ला सकता है। उम्मीद है कि जल्द ही कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल जाएगी और प्रदेश में शोषण-मुक्त रोजगार प्रणाली की शुरुआत होगी।
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