शिक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगति: परीक्षा प्रारूप को लेकर उठे सवाल, बदलाव की तैयारी
(UP LT Grade & PGT/TGT Recruitment Exam Format May Undergo Uniform Changes)

शिक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगति: परीक्षा प्रारूप को लेकर उठे सवाल, बदलाव की तैयारी
(UP LT Grade & PGT/TGT Recruitment Exam Format May Undergo Uniform Changes)


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती के लिए अर्हता की एक समान नियमावली लागू कर दी गई है, लेकिन परीक्षा प्रारूप में अब भी महत्वपूर्ण विसंगतियाँ बनी हुई हैं। यह विसंगति राजकीय और अशासकीय विद्यालयों के बीच देखी जा रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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राजकीय विद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया:

  1. एलटी ग्रेड शिक्षक (सहायक अध्यापक) – LT Grade Teachers
    • अब तक केवल एक लिखित परीक्षा के आधार पर भर्ती होती थी।
    • अब UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) दो चरणों में भर्ती करने की योजना बना रहा है:
      • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
      • मुख्य परीक्षा (Mains)
    • इस नई प्रक्रिया के लिए 8905 रिक्त पदों का अधियाचन आयोग को प्राप्त हो चुका है।
  2. प्रवक्ता (PGT) भर्ती
    • पिछली बार भी Prelims + Mains प्रारूप से भर्ती हुई थी।
    • इस बार भी यही प्रारूप लागू होगा।
    • आयोग को 1647 पदों का अधियाचन प्राप्त हो चुका है।

अशासकीय विद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया:

  1. सहायक अध्यापक (TGT) – केवल एक लिखित परीक्षा
  2. प्रवक्ता (PGT)लिखित परीक्षा + इंटरव्यू

उठ रहे सवाल:

  • जब पाठ्यक्रम, वेतनमान और शिक्षकों की ज़िम्मेदारियाँ समान हैं तो परीक्षा प्रारूप अलग क्यों?
  • योग्यता का आकलन एकसमान मापदंडों से क्यों नहीं होना चाहिए?
  • पहले अर्हता अलग थी, अब नियमावली एक है, तो परीक्षा प्रणाली भी समान क्यों नहीं?

सरकार और आयोग की तैयारी:

  • इस विसंगति को खत्म करने के लिए भर्ती परीक्षा प्रारूप में एकरूपता लाने पर विचार किया जा रहा है।
  • संभावना है कि आगामी भर्तियों से राजकीय और अशासकीय दोनों विद्यालयों में समान प्रारूप लागू किया जाएगा।
  • इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत बनेगी।

निष्कर्ष:
शिक्षा जगत में लंबे समय से चली आ रही भर्ती परीक्षा प्रणाली की असमानता अब दूर होने की ओर है। यदि सरकार परीक्षा प्रारूप को एकसमान करती है, तो यह योग्य अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा सुधार माना जाएगा।

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