ग्रीष्मकालीन अवकाश में पॉलीटेक्निक परीक्षा ड्यूटी से नाराज़ बेसिक शिक्षक, महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। प्रदेश में पॉलीटेक्निक की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी गर्मी की छुट्टियों में लगाए जाने पर शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया है। इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई ने सोमवार को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक श्याम किशोर तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में परीक्षा ड्यूटी से अवकाश का उद्देश्य विफल
महासंघ के महामंत्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के पास ग्रीष्मकालीन अवकाश के अलावा कोई अन्य विश्राम का विकल्प नहीं होता। ऐसे में पॉलीटेक्निक की परीक्षा ड्यूटी देने से उनका अवकाश व्यर्थ हो जाता है।
महासंघ ने मांग की है कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को इस परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
राजकीय व एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को क्यों नहीं?
जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह राठौर ने सवाल उठाया कि जब कभी पॉलीटेक्निक की परीक्षा होती है, तो राजकीय और एडेड कॉलेजों के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती, केवल बेसिक शिक्षकों पर ही यह भार क्यों डाला जा रहा है?
ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
- बेसिक शिक्षकों की गर्मी की छुट्टियाँ बाधित हो रही हैं।
- परीक्षा ड्यूटी से अवकाश का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।
- राजकीय व एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को प्राथमिकता क्यों नहीं?
- जल्द निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
निष्कर्ष: ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान परीक्षा ड्यूटी से नाराज़ शिक्षकों ने साफ संदेश दे दिया है कि वे अन्य विभागीय कार्यों के लिए बलि का बकरा नहीं बन सकते। सरकार को शिक्षकों के इस जायज़ मुद्दे पर संवेदनशीलता से विचार करना होगा।
