केजीबीवी कर्मियों का मानदेय 5% बढ़ा, लेकिन विरोध कायम

केजीबीवी कर्मियों का मानदेय 5% बढ़ा, लेकिन विरोध कायम

फुलटाइम से लेकर चौकीदार तक सभी कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय, शिक्षकों ने बताया नाकाफी

मानदेय में मामूली बढ़ोतरी, शिक्षकों में नाराज़गी

लखनऊ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार ने उनका मानदेय 5 प्रतिशत बढ़ा दिया है। हालांकि यह वृद्धि शिक्षकों और कर्मचारियों को संतुष्ट नहीं कर पाई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ “नाम मात्र” की बढ़ोतरी है, जो मौजूदा महंगाई के लिहाज से नाकाफी है।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

बढ़े हुए मानदेय की स्थिति

पदनाम पहले (रु.) अब (रु.)
वार्डन 30,250 31,763
फुलटाइम टीचर 24,200 25,410
पार्टटाइम टीचर 12,181 12,790
उच्च पार्टटाइम टीचर 16,408 17,196
लेखाकार 13,673 14,375
मुख्य रसोइया 8,577 9,006
सहायक रसोइया 6,433 6,755
चपरासी व चौकीदार 7,147 7,505

इस वृद्धि के बाद फुलटाइम टीचर का मानदेय ₹24,200 से ₹25,410 हो गया है जबकि पार्टटाइम टीचर का मानदेय ₹12,181 से बढ़कर ₹12,790 हो गया है।

गर्मियों की छुट्टियों को लेकर भी विवाद

जहां राजकीय और एडेड स्कूलों में 20 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया है, वहीं KGBV में 31 मई से ही छुट्टियां शुरू होंगी। इस भेदभाव को लेकर भी शिक्षक संगठनों में रोष है। यूनियन के पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया है।

बजट प्रस्ताव को मिली मंजूरी

राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक कार्य योजना एवं बजट का जो प्रस्ताव भेजा गया था, उसे स्वीकृति मिल गई है। यूनियन के अध्यक्ष अतुल बंसल ने कहा कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान मिलना चाहिए और यह 5% वृद्धि एक छलावा है।

निष्कर्ष: जहां एक ओर सरकार ने मानदेय बढ़ाकर राहत देने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर कर्मियों और शिक्षकों की नाराज़गी इस बात को स्पष्ट करती है कि सिर्फ नाममात्र की वृद्धि से उनकी समस्याएं हल नहीं होंगी। अब देखना यह होगा कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top