प्रयागराज के निजी स्कूल में नर्सरी के छात्र की संदिग्ध मौत, दो शिक्षिकाओं पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा
प्रयागराज (नैनी)। नैनी स्थित डीडीएस कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाले साढ़े तीन वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को हुई इस घटना में अब पुलिस ने दो शिक्षिकाओं पर गैरइरादतन हत्या (IPC 304) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल में पिटाई के चलते बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई।
तीन गंभीर चोटें, निजी अंगों में भी चोट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर तीन चोटें पाई गई हैं—एक आंख के ऊपर, दूसरी जीभ पर, और तीसरी निजी अंगों पर। इन चोटों को देखते हुए पुलिस विशेषज्ञों की मदद से जांच करेगी कि क्या यह मामला सिर्फ पिटाई का है या कुछ और गंभीर घटनाक्रम भी शामिल है। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि सभी पहलुओं से विवेचना की जा रही है।
परिजन बोले – स्कूल ने समय पर नहीं दी जानकारी, बच्चे की पहले ही हो चुकी थी मौत
बच्चे के पिता ने बताया कि 16 अप्रैल को उन्होंने अपने बेटे का स्कूल में दाखिला कराया था। 15 मई को सुबह 10:13 बजे स्कूल से फोन आया कि बच्चा बेहोश हो गया है। जब वह स्कूल पहुंचे तो देखा कि बेटे की सांसें नहीं चल रही थीं, सिर पर चोट का निशान था और जीभ कटी हुई थी।
“स्कूल वाले उसे जिंदा बताकर एक से दूसरे अस्पताल दौड़ाते रहे, जबकि वह स्कूल में ही दम तोड़ चुका था।” — पिता की व्यथा
बड़ा भाई चश्मदीद: बोला- दो शिक्षिकाओं ने पीटा
मृतक छात्र के बड़े भाई, जो उसी स्कूल की कक्षा 2 में पढ़ता है, ने बताया कि उसके सामने दो शिक्षिकाओं ने छोटे भाई को पीटा। पिटाई के बाद उसकी सांसें तेज हो गईं और तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने इस बयान को जांच में शामिल किया है।
शिक्षिकाओं व प्रबंधन ने किया आरोपों से इनकार
पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान दोनों शिक्षिकाओं ने पिटाई के आरोपों से इनकार किया। स्कूल प्रबंधक कृष्ण मोहन गुप्ता ने भी बयान दिया कि –
“बच्चा अक्सर स्कूल में रोता था, इसलिए कुछ दिनों से उसे भाई के साथ बैठाया जा रहा था। गुरुवार को वह रो रहा था, शिक्षिका ने डांटा और बेंच पर बैठाया, लेकिन कुछ देर बाद वह गिर गया।”
एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
नैनी थाना प्रभारी बृज किशोर गौतम व डीसीपी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर गैरइरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही पुलिस टीम ने स्कूल पहुंचकर शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर निजी अंगों में लगी चोट की भी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष: मासूम की मौत या लापरवाही का नतीजा?
यह मामला सिर्फ पिटाई का है या बच्चे के साथ किसी और तरह की क्रूरता की गई—इस सवाल का जवाब अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट और पुलिस जांच पर निर्भर करेगा। परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले।
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