109  विद्यालय एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूल, तीसरा नोटिस जारी


109 समाज कल्याण विद्यालयों की मान्यता पर संकट: एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूल, तीसरा नोटिस जारी

✍️ रिपोर्ट: सरकारीकलम डॉट कॉम | लखनऊ

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उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 109 विद्यालयों की मान्यता रद्द होने की कगार पर है। ये विद्यालय वर्षों से केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि छात्र संख्या काफी अधिक है। इससे बेसिक शिक्षा नियमावली का उल्लंघन हो रहा है।


अब तक दो नोटिस, अब तीसरे के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

  • शासन स्तर से इन स्कूलों को पहले दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
  • तीसरे नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि विद्यालय या तो शिक्षकों की भर्ती नहीं करते या अन्य विद्यालयों में समायोजन नहीं कराते, तो मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

प्रयागराज में सर्वाधिक 14 एकल विद्यालय

प्रयागराज जिले में ऐसे सबसे अधिक 14 विद्यालय हैं।
उप निदेशक सुधीर कुमार के अनुसार इन स्कूलों में न तो भर्ती की गई है, न ही समायोजन का प्रस्ताव स्वीकार किया गया है।

“जिन विद्यालयों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष शिक्षक नहीं हैं, वहां अब समायोजन या मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।”
– सुधीर कुमार, उप निदेशक, समाज कल्याण विभाग


भर्ती में देरी और कोर्ट केस हैं बड़ी वजह

  • विद्यालय प्रबंध समितियां अक्सर विज्ञापन नहीं निकालतीं, क्योंकि जैसे ही प्रक्रिया शुरू होती है, मामला कोर्ट में चला जाता है।
  • इस कारण से भर्ती रोक दी जाती है और विद्यालय एक शिक्षक से ही संचालित होते रहते हैं।

चार विद्यालयों में एक भी प्रशिक्षित शिक्षक नहीं

राज्य के चार विद्यालयों में स्थिति और भी खराब है —
इनमें एक भी नियमित या प्रशिक्षित शिक्षक नहीं है, केवल शिक्षा मित्रों के सहारे शिक्षा कार्य चल रहा है:

  1. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला, गौसपुर घुरी (आजमगढ़)
  2. अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला, भीखमपुर (देवरिया)
  3. अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला, मोहकमपुर (हरदोई)
  4. मोतीलाल कृषक शिक्षा निकेतन, हेमनखेड़ा

मंडल के प्रमुख प्रभावित विद्यालय

  • बाल विद्यालय, नयापुरा – 15 छात्र, एक शिक्षक
  • कन्या प्राथमिक पाठशाला, रमन का पुरा – 12 छात्र, एक शिक्षक
  • वाल्मीकि कन्या प्राथमिक विद्यालय, न्याय मार्ग – 5 छात्र, एक शिक्षक
  • कस्तूरबा गांधी कन्या विद्यालय, चौखटा – 2 स्वीकृत पद, एक ही शिक्षक
  • गौतमबुद्ध प्राथमिक विद्यालय, कौशांबी – 7 स्वीकृत पद, मात्र एक शिक्षक

क्या है आगे की प्रक्रिया?

अब तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया जा रहा है।
यदि विद्यालय न तो भर्ती करेंगे, न ही समायोजन पर सहमत होंगे, तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी और शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।


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