राजकीय शिक्षक संघ ने उठाई मांग: वर्षों से एक ही विद्यालय में तैनात प्रधानाचार्यों-उपप्रधानाचार्यों का हो तबादला
लखनऊ। राजकीय शिक्षक संघ ने माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत प्रधानाचार्यों व उपप्रधानाचार्यों के स्थानांतरण की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव को पत्र लिखा है। संघ का कहना है कि 7 साल या उससे अधिक समय से एक ही विद्यालय में तैनात शिक्षकों का तबादला शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए आवश्यक है।
स्थानांतरण नीति का हो पालन
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेजों और हाई स्कूलों में कई प्रधानाचार्य व उपप्रधानाचार्य वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिससे प्रभावी नेतृत्व की विविधता और स्थानांतरण नीति का उद्देश्य कमजोर हो रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाए।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को मिले गृह जनपद में तैनाती
संघ ने यह भी मांग की है कि हाल ही में 28 मार्च को पदोन्नत हुए अधीनस्थ राजपत्रित शिक्षकों में से जो 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए या अगले वर्ष सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें गृह जनपद में ही पदस्थापित किया जाए। संघ का कहना है कि गृह जनपद से बाहर पोस्टिंग से पेंशन संबंधी दस्तावेज़ी कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
संघ की प्रमुख मांगें:
- 7 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत प्रधानाचार्य/उपप्रधानाचार्य का स्थानांतरण।
- सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को उनके गृह जिले में पदस्थापित किया जाए।
- स्थानांतरण नीति को सख्ती से लागू किया जाए।
शिक्षक संघ का यह कदम शिक्षा तंत्र में संतुलन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
आप इस पर क्या सोचते हैं? क्या वर्षों से एक ही विद्यालय में जमे अधिकारियों का तबादला ज़रूरी है? अपनी राय हमें ज़रूर बताएं।
