उत्तर प्रदेश में 104 साल बाद शिक्षक भर्ती नियमों में ऐतिहासिक बदलाव!

💼 उत्तर प्रदेश में 104 साल बाद शिक्षक भर्ती नियमों में ऐतिहासिक बदलाव!


🏫 अब एडेड कॉलेजों में भी राजकीय स्कूलों जैसे नियमों से होगी भर्ती

प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अब शिक्षक भर्ती नई नियमावली के तहत होगी।
इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की जगह अब राजकीय विद्यालयों की नियमावली लागू की जा रही है।

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🔔 यह फैसला यूपी बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी के बाद लिया गया है।


📚 प्रमुख बदलाव क्या हैं?

🧑‍🏫 PGT (प्रवक्ता) पद के लिए बीएड अनिवार्य

  • अब संबंधित विषय में PG + B.Ed. जरूरी होगा।
  • ये नियम राजकीय स्कूलों में पहले से लागू हैं, अब एडेड कॉलेजों में भी समान रूप से लागू होंगे।

🎨 TGT (प्रशिक्षित स्नातक) कला विषय में बड़ा बदलाव

  • BFA डिग्रीधारक अब टीजीटी कला में आवेदन के पात्र होंगे।
  • B.Ed. की अनिवार्यता से छूट दी गई है।

🎭 टीजीटी कला में सबसे ज्यादा विवाद इन्हीं योग्यता को लेकर होता रहा है। अब बीएफए वालों के लिए रास्ता साफ हो गया है।

कुछ विषयों में B.Ed. की अनिवार्यता नहीं

  • गृह विज्ञान (महिला शाखा)
  • सिलाई (महिला शाखा)
  • कला (पुरुष शाखा)
  • वाणिज्य (पुरुष शाखा)
  • सैन्य विज्ञान (पुरुष शाखा)

📜 104 साल पुरानी व्यवस्था की विदाई

  • पहले लाहौर के मेयो स्कूल ऑफ आर्ट्स जैसी डिग्रियों को मान्यता थी।
  • अब वह पुरानी शैक्षणिक व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
  • सभी भर्तियाँ अब आधुनिक और समरूप नियमों के तहत होंगी।

🗣️ बोर्ड सचिव भगवती सिंह का बयान

“अब एक ही बोर्ड के तहत संचालित राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अलग-अलग नियम नहीं होंगे। इससे विवाद नहीं होंगे और योग्य शिक्षकों की भर्ती सुगम होगी।”


✍️ क्या होगा आगे?

  • यह नियम अगली शिक्षक भर्ती से लागू होंगे।
  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सूचना भेजी जाएगी।
  • विज्ञापन जारी होते ही नई योग्यता के अनुसार आवेदन शुरू होंगे।

📢 इस खबर को सभी शिक्षक अभ्यर्थियों तक पहुँचाएं!

📎 और पढ़ें: www.sarkarikalam.com

✍️ रिपोर्ट: शुभम पटेल
📅 अपडेट: 24 अप्रैल 2025


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