उत्तर प्रदेश में प्रवक्ता भर्ती के नए संशोधित नियमों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. B.Ed अब अनिवार्य, लेकिन 50% अंक जरूरी नहीं
- सभी 534 राजकीय इंटर कॉलेजों और 440 राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती के लिए अब B.Ed डिग्री अनिवार्य कर दी गई है।
- हालांकि, NCTE के 2014 के नियमों के विपरीत, यूपी में 50% अंकों की अनिवार्यता नहीं है।
- पहले B.Ed को अधिमान्य (Preferential) माना जाता था, लेकिन अब यह जरूरी हो गया है।
2. “समकक्ष डिग्री” का प्रावधान हटा
- पुराने नियमों में “समकक्ष योग्यता” की वजह से अक्सर विवाद होते थे, जिससे भर्ती प्रक्रिया में देरी होती थी।
- अब हर विषय के लिए स्पष्ट योग्यता निर्धारित कर दी गई है, ताकि भविष्य में विवाद न हो।
3. दो विषयों में भर्ती बंद
- भूगर्भशास्त्र (पुरुष शाखा) और अभियंत्रण (पुरुष शाखा) विषयों में अब प्रवक्ता भर्ती नहीं होगी।
4. इतिहास विषय पर विवाद समाप्त
- पहले सिर्फ “इतिहास” में PG करने वालों को योग्य माना जाता था, लेकिन अब प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन इतिहास और आधुनिक इतिहास में PG करने वाले भी आवेदन कर सकेंगे।
5. कुछ विषयों में B.Ed अनिवार्य नहीं
- गृह विज्ञान (महिला शाखा), सिलाई (महिला शाखा), कला (पुरुष शाखा), वाणिज्य, सैन्य विज्ञान (पुरुष शाखा) में B.Ed की अनिवार्यता नहीं है।
6. 1658 पदों पर भर्ती जल्द
- माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 836 महिला और 822 पुरुष प्रवक्ता पदों का अधिसूचना आयोग को भेज दिया है।
- अगले महीने (मई 2024) से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष:
यूपी सरकार ने प्रवक्ता भर्ती को अधिक पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। B.Ed अनिवार्य होने से शिक्षकों की गुणवत्ता सुधरेगी, लेकिन कुछ विषयों में छूट भी दी गई है। अब आवेदकों को स्पष्ट योग्यता के आधार पर आवेदन करना होगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।
