✍️ गर्मी की छुट्टियों में ड्यूटी पर उठी आवाज: शिक्षकों को मिले प्रतिकर अवकाश की मांग
📢 उत्तर प्रदेश में शिक्षकों से जुड़े एक अहम मुद्दे ने फिर जोर पकड़ लिया है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान जनगणना जैसे सरकारी कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है और इसके बदले प्रतिकर अवकाश (Compensatory Leave) देने की मांग उठाई है।
📜 मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र
संगठन ने इस संबंध में सीधे योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी और प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने स्पष्ट कहा कि:
👉 गर्मी की छुट्टियां शिक्षकों को उनके व्यक्तिगत एवं आवश्यक कार्यों के लिए दी जाती हैं।
👉 ऐसे में इस अवधि में सरकारी ड्यूटी लगाना उनके अधिकारों का हनन है।
⚖️ क्या है मुख्य मांग?
संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
✅ प्रतिकर अवकाश दिया जाए
यदि शिक्षकों की ड्यूटी गर्मी की छुट्टियों में लगाई जाती है, तो बाद में उन्हें उतने ही दिनों का अवकाश दिया जाए।
✅ मनोबल बनाए रखने की जरूरत
शिक्षकों का कहना है कि यदि उन्हें उनका हक मिलेगा तो वे और अधिक निष्ठा और समर्पण के साथ सरकारी कार्य करेंगे।
🔄 ट्रांसफर प्रक्रिया पर भी उठी मांग
संगठन ने सिर्फ अवकाश ही नहीं, बल्कि एक और अहम मुद्दा उठाया है:
📌 गर्मी की छुट्टियों में ही ट्रांसफर प्रक्रिया कराई जाए
- अंतरजनपदीय (जिले से बाहर)
- जिले के भीतर
👉 इससे शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा और शिक्षक बिना तनाव के अपने स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
🤔 क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि:
- 📚 शिक्षक पहले से ही कई गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाते हैं
- 🏫 पढ़ाई का समय प्रभावित होता है
- 😓 व्यक्तिगत जीवन और कार्य संतुलन बिगड़ता है
यदि सरकार इस मांग को मानती है, तो यह शिक्षकों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जाएगा।
🧾 निष्कर्ष
शिक्षकों की यह मांग पूरी तरह व्यावहारिक और न्यायसंगत नजर आती है।
👉 सरकार यदि इस पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो न सिर्फ शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि सरकारी कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
📢 आपकी क्या राय है?
क्या गर्मी की छुट्टियों में ड्यूटी के बदले प्रतिकर अवकाश मिलना चाहिए? कमेंट में जरूर बताएं!
