🎒 “स्कूल चलो अभियान” शुरू: 1.5 लाख गुमशुदा बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार एक बार फिर बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रही है। 1 अप्रैल से “स्कूल चलो अभियान” शुरू होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य है—हर बच्चे को स्कूल तक लाना और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना।
📊 1.5 लाख से ज्यादा बच्चे सिस्टम से बाहर!
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- प्रदेश में लगभग 1,50,660 बच्चे ऐसे हैं जो
👉 यू-डायस (UDISE) के ड्रॉपबॉक्स में दर्ज हैं - यानी ये बच्चे पिछले सत्र से स्कूल से गायब (ड्रॉपआउट) हैं
👉 अब इन सभी बच्चों को चिन्हित कर दोबारा स्कूल में दाखिला दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
🔍 कैसे खोजे जाएंगे ड्रॉपआउट बच्चे?
इस बार अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए:
- शारदा ऐप (Sharda App) में नया मॉड्यूल जोड़ा गया है
- इस मॉड्यूल पर क्लिक करते ही:
👉 ड्रॉपआउट बच्चों की पूरी सूची सामने आ जाएगी
📍 उदाहरण:
- प्रयागराज में ही करीब 30,000 बच्चे ड्रॉपबॉक्स में दर्ज हैं
- इन्हें चिन्हित कर स्कूल तक लाने का विशेष लक्ष्य तय किया गया है
🚶♂️ घर-घर जाएंगे शिक्षक
अभियान को सफल बनाने के लिए:
- शिक्षक अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क करेंगे
- अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के लिए जागरूक करेंगे
- रैली, जागरूकता कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे
📅 अभियान के दो चरण
👉 पहला चरण: 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक
👉 दूसरा चरण: 1 जुलाई से 15 जुलाई तक
🎯 सरकार का लक्ष्य
बीएसए अनिल कुमार के अनुसार:
- 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को
👉 निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देना प्राथमिकता है - ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों को भी
👉 दोबारा स्कूल से जोड़ना अनिवार्य है
👉 अगर कोई बच्चा पहले से नामांकित है, तो उसकी वास्तविक स्थिति ऐप के जरिए अपडेट की जाएगी।
⚠️ क्यों जरूरी है यह अभियान?
- ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या कम होगी
- बाल श्रम और बाल अपराध में कमी आएगी
- हर बच्चे को समान शिक्षा का अवसर मिलेगा
📢 “सरकारी कलम” की अपील
👉 अभिभावक अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें
👉 शिक्षक संवेदनशीलता के साथ बच्चों को जोड़ें
👉 समाज भी इस अभियान में भागीदारी निभाए
✍️ निष्कर्ष
“स्कूल चलो अभियान” सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने का मिशन है। अगर हर बच्चा स्कूल पहुंचेगा, तभी प्रदेश और देश का भविष्य मजबूत होगा। 🇮🇳
👉 आइए, मिलकर हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ें!
