UP SI भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर बवाल, ‘पंडित’ शब्द विकल्प में आने पर भड़का आक्रोश

UP SI भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर बवाल, ‘पंडित’ शब्द विकल्प में आने पर भड़का आक्रोश

📍 लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को आयोजित परीक्षा में सामान्य हिंदी के एक प्रश्न के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर ब्राह्मण समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस पर आपत्ति जताई है और जांच के निर्देश दिए हैं।


❓ यह था विवादित प्रश्न

परीक्षा में सामान्य हिंदी से संबंधित एक प्रश्न पूछा गया था—

“अवसर के लिए बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।”

इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे:

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  • पंडित
  • अवसरवादी
  • निष्कपट
  • सदाचारी

परीक्षा समाप्त होने के बाद जब प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई जाने लगी।


😡 सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज का आक्रोश

कई लोगों का कहना है कि ‘पंडित’ शब्द को इस प्रकार के प्रश्न में विकल्प बनाना ब्राह्मण समाज की गरिमा के खिलाफ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस सवाल को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी।


🏛️ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई आपत्ति

मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट कहा कि किसी भी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा—

👉 किसी भी प्रश्न या टिप्पणी से किसी जाति या समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए।
👉 सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
👉 जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


📝 भाजपा नेताओं ने भी उठाया मुद्दा

इस मामले को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

  • भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने कहा कि इस तरह का प्रश्न संवेदनशील है और इससे एक समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
  • राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने भी मामले पर आपत्ति जताई।
  • भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है।
  • बदलापुर (जौनपुर) से विधायक रमेशचंद्र मिश्रा ने भी प्रश्न को आपत्तिजनक बताया।

वहीं अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।


🔎 भर्ती बोर्ड ने दिए जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

जांच में यह देखा जाएगा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति से यह गलती कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


👨‍🎓 साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

बताया जा रहा है कि इस भर्ती परीक्षा में करीब साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। ऐसे में एक प्रश्न को लेकर उठा विवाद अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है।


📢 ‘सरकारी कलम’ की बात
प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय संवेदनशीलता और सामाजिक सम्मान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक छोटी सी चूक भी बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है। उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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