जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर से हटाया गया NSA, छह महीने बाद जोधपुर जेल से रिहा
📍 नई दिल्ली/जोधपुर। केंद्र सरकार ने प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) शनिवार को हटा दिया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हुआ, जिसके बाद करीब छह महीने से जोधपुर जेल में बंद वांगचुक को रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि जे अंगामो के साथ लेह (लद्दाख) के लिए रवाना हो गए।
⏰ दोपहर 1:30 बजे जेल से हुई रिहाई
केंद्र सरकार के आदेश के बाद वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगामो जोधपुर पहुंचीं और रिहाई की औपचारिकताएं पूरी कीं।
इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे वांगचुक को जोधपुर जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के तुरंत बाद वे अपनी पत्नी के साथ लेह के लिए रवाना हो गए।
🏛️ सरकार ने बताया फैसला लेने का कारण
गृह मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार सरकार लद्दाख के विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों की चिंताओं और आकांक्षाओं का समाधान किया जा सके।
सरकार का यह भी कहना है कि लगातार बंद और विरोध प्रदर्शनों का माहौल क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था। इससे छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यापारियों, पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा था।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बाद आया फैसला
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई से ठीक पहले वांगचुक पर से NSA हटाने का फैसला लिया।
वांगचुक की पत्नी ने उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर 17 मार्च को सुनवाई होनी है। इस सुनवाई में कोर्ट उन वीडियो और फोटो साक्ष्यों को भी देख सकता है, जिनके आधार पर वांगचुक पर NSA लगाया गया था।
📅 26 सितंबर 2025 को हुई थी गिरफ्तारी
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था।
ये प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर किए जा रहे थे। उस दौरान हुई झड़पों में—
- 4 लोगों की मौत हुई
- 22 पुलिसकर्मी सहित 45 से अधिक लोग घायल हुए
इसके बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें जोधपुर जेल भेज दिया गया था।
⚖️ क्या है NSA?
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सरकार किसी व्यक्ति को देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा होने की आशंका में बिना मुकदमे के भी हिरासत में रख सकती है।
इसी कानून के तहत वांगचुक को हिरासत में रखा गया था।
📢 ‘सरकारी कलम’ की बात
सोनम वांगचुक की रिहाई से लद्दाख के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन और सरकार के बीच संवाद की संभावना बढ़ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच बातचीत से क्षेत्र की मांगों का क्या समाधान निकलता है।
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